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किसानों के लिए ट्रैक्टर से लेकर मशीन खरीदने का मौका : कृषि यंत्रों पर 40% से 80% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 20 Sep 2026 07:50 PM IST
सार

  • बिहार में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत आवेदन शुरू हैं, किसान 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
  • कस्टम हायरिंग सेंटर पर 40% तक, अधिकतम 4 लाख रुपये अनुदान का प्रावधान है।
  • स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर में ट्रैक्टर पर 40% और अन्य मशीनों पर 80% तक अनुदान, अधिकतम 12 लाख रुपये तक का प्रावधान है।

कृषि यंत्रों को खरीदना होगा आसान।
कृषि यंत्रों को खरीदना होगा आसान। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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खेती में बढ़ती लागत के बीच बिहार के किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान लेने का मौका है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत ट्रैक्टर समेत कई कृषि यंत्रों की खरीद पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। इच्छुक किसान 30 सितंबर तक डीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

खेती के काम को आसान और कम समय में पूरा करने के लिए ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, रीपर, थ्रेसर और दूसरे कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए इन मशीनों को खरीदना महंगा पड़ सकता है। ऐसे किसानों को राहत देने के लिए बिहार कृषि विभाग कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत अलग-अलग कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दे रहा है।

कृषि यंत्र खरीदने पर मिल रहा अनुदान
कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत पात्र किसानों को विभिन्न कृषि यंत्र और खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण खरीदने पर निर्धारित दर के अनुसार अनुदान दिया जाता है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर के अलावा चार अन्य कृषि यंत्रों की खरीद पर किसानों को 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। हालांकि, किसी खास यंत्र पर मिलने वाली वास्तविक सब्सिडी उसकी श्रेणी, निर्धारित अधिकतम सीमा और विभाग के नियमों के अनुसार होगी।

कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने पर 4 लाख तक अनुदान
अगर कोई प्रगतिशील किसान या किसानों का समूह खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को किराये पर उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) शुरू करना चाहता है, तो उसके लिए भी अनुदान का प्रावधान है। इस योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर 40 प्रतिशत तक अनुदान, अधिकतम 4 लाख रुपये तक मिलने का प्रावधान बताया गया है। कस्टम हायरिंग सेंटर का फायदा यह है कि जिन किसानों के लिए महंगी मशीन खरीदना संभव नहीं है, वे जरूरत के समय इन्हें किराये पर लेकर खेती के काम में इस्तेमाल कर सकते हैं।

स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर पर 12 लाख तक अनुदान
बिहार कृषि विभाग की योजना में स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए भी अलग प्रावधान है। इसमें ट्रैक्टर की खरीद पर 40 प्रतिशत तक अनुदान, जबकि ट्रैक्टर के अलावा अन्य कृषि मशीनों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। इस श्रेणी में कुल अधिकतम अनुदान 12 लाख रुपये तक हो सकता है। वास्तविक अनुदान संबंधित मशीन, लागत सीमा और विभाग की पात्रता शर्तों के आधार पर तय होगा।

30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत आवेदन लिए जा रहे हैं। इच्छुक किसान 30 सितंबर 2026 तक डीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले किसान को संबंधित कृषि यंत्र, अनुदान की सीमा, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी विभागीय शर्तों की जानकारी जरूर देख लेनी चाहिए।

मशीन खरीदना महंगा है तो किराये पर भी ले सकते हैं
कृषि यंत्रों पर अनुदान का फायदा केवल मशीन खरीदने तक सीमित नहीं है। कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसान अपनी जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर और दूसरे कृषि यंत्र किराये पर लेकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे छोटे और सीमांत किसानों को हर मशीन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसान जुताई, बुआई, कटाई, थ्रेसिंग और दूसरे कृषि कार्यों के लिए जरूरत के हिसाब से मशीन किराये पर ले सकते हैं।

 
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