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Onion Market: प्याज के थोक भाव 10% बढ़े, दिवाली तक और महंगी हो सकती है प्याज, जनवरी में औंधे मुंह गिरेंगे दाम?

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 20 Oct 2026 02:13 PM IST
सार

  • खरीफ प्याज की आवक में देरी से प्याज की कीमतों में 10 प्रतिशत की तेजी
  • नवंबर से पहले प्याज के भाव में 8 से 10 रुपये प्रति किलों तक की बढ़ोतरी का अनुमान
  • अल नीनो के खतरे और आकर्षक भाव को देखते हुए रबी सीजन में किसान प्याज की खेती का चुनाव कर सकते हैं
  • नवंबर में भी प्याज की कीमतों में कोई बड़ी राहत की संभावना नहीं है, क्योंकि इस दौरान त्योहारी मांग से बाजार को रफ्तार मिलेगी
  • जनवरी से लेट खरीफ फसल की सप्लाई बढ़ने पर प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आ सकती है।

जनवरी में औंधे मुंह गिर सकते हैं प्याज के रेट।
जनवरी में औंधे मुंह गिर सकते हैं प्याज के रेट। - फोटो : AI
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विस्तार
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बीते एक हफ्ते के दौरान खरीफ फसल की आवक में देरी से मंडियों में प्याज के भाव में 10 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। व्यापारियों का अनुमान है कि नवंबर में मंडियों में प्याज की बंपर आवक पहुंचने से पहले कीमतों में 8 से 10 रुपये प्रति किलो तक की और बढ़त हो सकती है।

रबी के बाद खरीफ प्याज पूरी करती है मांग  
भारत प्याज का उत्पादन रबी और खरीफ सीजन में करता है। नवंबर-दिसंबर में बोई जाने वाली रबी प्याज की कटाई मार्च-अप्रैल में होती है, जिसके बाद यही प्याज सितंबर या अक्तूबर की शुरुआत तक बाजार की मांग को पूरा करती है। इसके बाद खरीफ प्याज का बाजार में आगमन शुरू हो जाता है।

देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी में चढ़े दाम
जानकारी के अनुसार, बीते रबी सीजन की प्याज का भंडार अब लगभग खत्म हो चुका है। दूसरी ओर खरीफ की सुस्त आवक ने भाव को बढ़ाने का काम किया है। देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में सोमवार को प्याज का भाव 4,551 रुपये प्रति क्विंटल पर पहंचा, जो शनिवार की तुलना में 2 रुपये प्रति किलो ज्यादा है।

प्याज की आवक में आई सुस्ती, क्या ह कारण?
जानकारों के अनुसार, बीते एक हफ्ते में प्याज की दैनिक आवक में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। खरीफ प्याज की आवक में देरी की सबसे बड़ी वजह कमजोर बारिश है, जिसकी वजह से प्याज की बुवाई और रोपाई पर खराब असर पड़ा।

प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में नवंबर की शुरुआत तक आवक में तेजी की उम्मीद 
आमतौर पर सितंबर के आखिर या अक्तूबर की शुरुआत में खरीफ प्याज की आवक शुरू होती थी। लेकिन इस बार अक्तूबर के आखिर तक ही प्याज की आवक में तेजी आने की संभावना है। जानकारों के अनुसार, 15 अक्तूबर के आसपास नासिक में आने वाली खरीफ प्याज की आवक में देरी हुई है। राजस्थान के अलवर से प्याज की सप्लाई एक नवंबर के आसपास, जबकि नासिक में दिवाली के बाद तेज आवक की उम्मीद है। इसके अलावा एमपी और गुजरात से भी अक्तूबर तक सप्लाई सुधरने के आसार हैं।

क्या कीमतों में नरमी आएगी?
प्याज की आवक में तेजी से कीमतों में गिरावट की संभावना है। लेकिन व्यापारियों का कहना है कि दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान बंपर मांग के कारण कीमतें कुछ समय के लिए ऊंची बनी रह सकती हैं।

प्याज की ओर बढ़ेगा किसानों का रुझान
जानकारों के अनुसार, प्याज एक कम जल खपत वाली फसल है। ऐसे में सूखा प्रभावित महाराष्ट्र के किसान गेहूं-गन्ना की जगह लेट खरीफ प्याज की ओर रुख कर सकते हैं। ऐसा होने पर जनवरी से प्याज की सप्लाई में तेजी आ सकती है, जिससे कीमतों में भारी गिरावट के आसार हैं।
 


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