इस साल कम मानसूनी बारिश ने मध्य प्रदेश के मूंगफली उत्पादक किसानों की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के पांढुर्णा जिले में कम बारिश के चलते मूंगफली के दानों का सही तरीके से विकास नहीं हुआ है, जिस कारण उपज में 75 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज गई है।
दूसरी ओर मंडी में मूंगफली का भाव 11 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, लेकिन फसल नुकसान के चलते किसानों के सामने निवेश तक निकालना काफी कठिन हो गया है।
पैदावार घटकर मात्र एक चौथाई बची
मानसून के दौरान पर्याप्त बारिश न होने से फसल की बढ़वार सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। जिले के मरकावाड़ा गांव के किसान भाऊराव करदाते ने जानकारी दी कि उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में मूंगफली की बुवाई की थी। सामान्य मौसम में उन्हें एक एकड़ जमीन से लगभग सात क्विंटल उपज मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, बारिश की कमी के कारण दानों का विकास नहीं हो पाया और उनका कुल उत्पादन घटकर उम्मीद का केवल 25 प्रतिशत ही रह गया। उत्पादन में इस भारी कमी से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
खेती का भारी खर्च, भरपाई के मोर्च पर भी चुनौती
मूंगफली की फसल तैयार करने में किसानों की अच्छी-खासी रकम खर्च होती है। एक दूसरे किसान श्रीराम हिंगवे ने बताया कि किसानों को बीज, खाद, दवाइयों और खेत की तैयारी सहित अन्य कृषि कार्यों पर बहुत अधिक पैसा लगाना पड़ता है। किसानों ने इस बार अच्छी पैदावार और बेहतर मुनाफे की उम्मीद में मूंगफली बोई थी। परंतु बारिश की कमी ने उत्पादन को पूरी तरह से बिगाड़ दिया। पैदावार घटने के कारण अब किसानों के सामने खेती पर आई लागत की भरपाई करने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
11 हजार का भाव भी नहीं दे पा रहा राहत
वर्तमान में कृषि उपज मंडी में मूंगफली करीब 11 हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है। मंडी में मिलने वाले ये ऊंचे दाम किसानों के लिए एक अच्छी खबर हो सकते थे, लेकिन 75 प्रतिशत पैदावार घटने से किसानों की कमाई का पूरा गणित ही बिगड़ गया है। सामान्य स्थितियों में जहां एक एकड़ खेत से सात क्विंटल उपज मिल सकती थी, वहीं अब उत्पादन घटकर मात्र एक चौथाई रह गया है। उपज की इसी कमी की वजह से किसान बाजार में मूंगफली के मिल रहे इन ऊंचे भावों का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।