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Monsoon: अभी मॉनसून आया नहीं, फिर मई के महीने में क्यों हो रही झमाझम बारिश? जानें वजह...

गांव जंक्शन, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 29 May 2025 04:39 PM IST
सार

दिल्ली, यूपी, बिहार से लेकर कई राज्य बारिश से भीग रहे हैं। बेमौसम बारिश परेशानी का सबब बन गई है। अचानक मई के महीने में हो रही बारिश को लेकर आईएमडी महानिदेशक  डॉ. मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि उत्तर भारत में हो रही बारिश मॉनसूनी नहीं है।

डॉ. मृत्युंजय महापात्रा, महानिदेशक, आईएमडी, नई दिल्ली
डॉ. मृत्युंजय महापात्रा, महानिदेशक, आईएमडी, नई दिल्ली - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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मई का महीना पूरा होने जा रहा है। इस महीने में भीषण गर्मी के साथ लू का भयंकर प्रकोप होता है। लेकिन, इस साल यह महीना पूरी तरह बदला हुआ रहा, मौसम सुहाना रहा और देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में झमाझम बारिश हुई। मौसम में इस तरह का बदलाव काफी चौंकाने वाला रहा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन दिन यानी मई के आखिर में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में फिर से मौसम बिगड़ेगा और आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी। कुछ ऐसे ही हालात पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने गांव जंक्शन को मई के महीने में मौसम में हुए बदलाव के कारण बताए? आइए जानते हैं।  

मई के महीने में क्यों हुई अधिक बारिश?
24 मई को केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दी। ऐसा सामान्य से 8 दिन पहले हुआ। भारत में मॉनसून की एंट्री केरल से होती और यह अमूमन 1 जून तक यहां पहुंचता है। मॉनसून के आते ही देश के दक्षिण राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लेकिन, बारिश का सिलसिला उत्तर भारत के राज्यों में भी बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी, बिहार से लेकर कई राज्य बारिश से भीग रहे हैं। बेमौसम बारिश परेशानी का सबब बन गई है। अचानक मई के महीने में हो रही बारिश को लेकर आईएमडी महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि उत्तर भारत में हो रही बारिश मॉनसूनी नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से हो रही है। 

इस बार हुए कई पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव 
आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में इस वर्ष मई के महीने में बारिश ने 125 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। 26 मई तक दिल्ली में रिकॉर्ड 186.4 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह साल 2008 में हुई 165 मिमी बारिश से ज्यादा है। 1901 से 2025 तक मई के महीने में हुई बारिश इस साल सर्वाधिक है। डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि इस बार एक के बाद एक, बहुत सारे पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए। यह सभी नॉर्थ वेस्ट इंडिया होते हुए मूव कर रहे हैं, इसके प्रभाव से बारिश हो रही है। उन्होंने बताया कि नॉर्थ इंडिया में जो बारिश हो रही है, उसे प्री-मॉनसून कहा जा सकता है। 

क्या है पश्चिमी विक्षोभ?
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भूमध्य सागर क्षेत्र से उत्पन्न होने वाला एक तूफान है। यह वायुमंडल की ऊंचाई वाली परतों में भूमध्य सागर, कैस्पियन सागर और अटलांटिक महासागर से नमी लेकर उत्तर भारत, पाकिस्तान और नेपाल के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अचानक बारिश और बर्फबारी का कारण बनता है। इसकी दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर होती है। यह अपने साथ सीमित, ठंडी और सूखी हवाएं लाता है और इसका असर 2 से 3 दिन तक रहता है।

अमूमन इसका आगमन सर्दी के मौसम में नवंबर से लेकर फरवरी तक होता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की न्यूमेरिकल स्टडी ऑफ वेस्टर्न डिस्टर्बन्स ओवर वेस्टर्न हिमालयाज यूजिंग मेसोस्केल मॉडल के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ हिमालय की ओर बढ़ता है तो इनकी नमी बारिश और बर्फ के रूप ले लेती है।

पश्चिमी विक्षोभ से फायदा और नुकसान
पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि होती है। इसका सीधा असर उत्तर-पश्चिम भारत जैसे दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड आदि पर पड़ता है। कभी-कभी इसका असर बिहार और झारखंड में भी देखा जाता है। इससे होने वाली बारिश रबी की फसलों के लिए लाभदायक होती है।

कभी-कभी पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बारिश होती है, जिससे बाढ़, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और ठंडी लहरों से लोगों और फसलों नुकसान पहुंचता हे। वहीं, इस साल मई के महीन में लगातार पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से बेमौसम बारिश ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है।  

अगले दिनों में भी दिखेगा असर, मौसम रहेगा खराब 
लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से दिल्ली ही नहीं बल्कि, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, में असर देखा गया। आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में पश्चिमी विक्षोभ अपनी धुरी के साथ औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है, जो अब मोटे तौर पर देशांतर 72° पूर्व से अक्षांश 30° उत्तर के उत्तर तक चल रहा है।

बात करें अगले दिनों की तो 2 जून तक दिल्ली में मौसम खराब रहेगा। 29 और 30 मई को बिजली और तेज हवाओं के साथ तूफान आने की संभावना है। बारिश होने की भी आशंका बनी हुई है। 31 मई को आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है, 1 जून को आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, 2 जून को आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 

यूपी-राजस्थान से लेकर इन राज्यों में भी आंधी-बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, 29 मई से 2 जून के दौरान उत्तर प्रदेश, राजस्थान में छिटपुट बारिश, 29 और 30 मई को राजस्थान में करीब 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इसके अलावा 29 से 31 मई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। 29 मई से 1 जून के दौरान उत्तराखंड में भी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है। 
 
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