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जम्मू-कश्मीर : राजौरी में किसानों ने शुरू की प्राकृतिक खेती की मुहिम, मशरूम उत्पादन से बढ़ा रहे कमाई

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 04 Nov 2026 02:49 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में किसान 'खेत बचाओ अभियान' के तहत प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं। लाम्बेरी में प्रशिक्षण केंद्र बनाया जा रहा है। वहीं, एक किसान ने 100 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू किया है।

प्राकृतिक खेती
प्राकृतिक खेती - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में किसान खेती का तरीका बदलने की पहल कर रहे हैं। यहां छोटे और सीमित जमीन वाले किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करके जैविक और प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं। इस मुहिम का उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, स्थानीय फसलों और बीजों को बचाना और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है।

यह पहल कृषि उत्पादन एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से चलाए जा रहे 'खेत बचाओ अभियान' के तहत की जा रही है। इसके माध्यम से किसानों को ऐसी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें रासायनिक चीजों पर निर्भरता कम हो और मिट्टी की सेहत बनी रहे।

गांव में ही मिलेगी खेती की ट्रेनिंग
किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती की जानकारी देने के लिए राजौरी के लाम्बेरी ब्लॉक में किसान प्रशिक्षण केंद्र बनाया जा रहा है। इसका निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। इस केंद्र में किसानों को जैविक खाद बनाने, फसलों को कीटों से बचाने और प्राकृतिक खेती के तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस केंद्र का फायदा यह होगा कि छोटे किसानों को प्रशिक्षण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वे अपने इलाके में ही खेती की नई तकनीक सीख सकेंगे। साथ ही, उन्हें सरकारी योजनाओं और खेती से जुड़ी सब्सिडी की जानकारी भी मिल सकेगी।

खेती की लागत घटाने पर जोर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम करना है। इससे मिट्टी और भूजल को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी। वहीं, जैविक खाद और प्राकृतिक तरीकों को अपनाने से किसानों की खेती की लागत भी घट सकती है। प्राकृतिक खेती से किसान अपनी फसलों में विविधता लाकर कमाई के नए रास्ते भी तलाश रहे हैं। इससे खेती पर होने वाला खर्च कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

100 बैग से शुरू की मशरूम की खेती
लाम्बेरी ब्लॉक में एक किसान ने कृषि अधिकारियों के मार्गदर्शन में मशरूम उत्पादन की व्यावसायिक इकाई शुरू की है। किसान ने शुरुआत में मशरूम के 100 बैग लगाए हैं। यह पहल दिखाती है कि कम जगह और सीमित संसाधनों के साथ भी किसान खेती से जुड़ा नया कारोबार शुरू कर सकते हैं।

विभाग के मुताबिक, इस अभियान का लक्ष्य मिट्टी की सेहत सुधारने, रासायनिक खादों का इस्तेमाल घटाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना है। इससे किसानों की लागत कम करने के साथ उनकी आय के नए स्रोत तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
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