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Modern Fisheries System Will Be Built In Bihar Nabard Provide 195 Crore Rupees Big Gift For Fish Farmers
मछली पालकों के लिए बड़ी सौगात : बिहार में बनेगा आधुनिक मत्स्य तंत्र, नाबार्ड देगा 195 करोड़
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 26 Sep 2026 11:14 AM IST
सार
सिवान में आधुनिक मत्स्य पालन ढांचा विकसित करने के लिए नाबार्ड ने बिहार सरकार को 195 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। इससे मछली बीज केंद्र, हैचरी, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण इकाइयां और आधुनिक मछली बाजार विकसित किए जाएंगे। बेहतर बाजार और भंडारण सुविधा से मछली पालकों को उपज के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
बिहार के सिवान के मछली पालकों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने और बाजार तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। जिले में मछली उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण और बिक्री की सुविधाएं विकसित करने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बिहार सरकार को 195 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। इससे आधुनिक मत्स्य पालन का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, यह ऋण मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के तहत मंजूर किया गया है। परियोजना के तहत मछली पालन से जुड़ी कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मछली बीज से लेकर कोल्ड स्टोरेज तक की सुविधा
नाबार्ड के अनुसार, परियोजना में मछली पालन इकाइयां, मछली बीज उत्पादन केंद्र और हैचरी विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही मछली संग्रह और उतारने के केंद्र, कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड-चेन की सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। इसके अलावा मछली प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाइयां, आधुनिक मछली बाजार और बेहतर परिवहन व विपणन व्यवस्था विकसित करने पर भी काम होगा।
मछली पालकों की बढ़ सकती है आय
परियोजना का उद्देश्य जिले में मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ पूरी मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है। इससे मछली पालकों के अलावा सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण युवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। नाबार्ड के बिहार मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि यह सहायता सिवान में आधुनिक, सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली और टिकाऊ मत्स्य पालन व्यवस्था तैयार करने में मदद करेगी।
रोजगार के भी बनेंगे अवसर
परियोजना से मछली उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन और विपणन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन और मछली उत्पादों में मूल्यवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
नाबार्ड के बयान के अनुसार, बेहतर भंडारण और प्रसंस्करण व्यवस्था से मछली की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बाजार तक पहुंच बढ़ने से मछली पालकों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। इससे जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के साथ ग्रामीण आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
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