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Paddy Crop: ब्लास्ट रोग पर वार, धान की नई बढ़वार को भी सुरक्षा... लॉन्च हुआ नया फफूंदनाशी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 26 Sep 2026 11:43 AM IST
सार

धान की फसल को लीफ और नेक ब्लास्ट रोग से बचाने के लिए धनुका एग्रीटेक ने ‘पोलिन’ फफूंदनाशी लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक, 100 मिलीलीटर पोलिन को 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ में छिड़काव किया जा सकता है। यह लंबे समय तक रोग नियंत्रण में मदद कर बार-बार छिड़काव, मजदूरी और दवा की लागत घटाने में सहायक हो सकता है।

धान की फसल
धान की फसल - फोटो : सोशल मीडिया
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धान किसानों के लिए फसल को ब्लास्ट रोग से बचाने के लिए नया फफूंदनाशी बाजार में उतारा गया है। कृषि इनपुट कंपनी धनुका एग्रीटेक लिमिटेड ने जापान की निप्पॉन सोडा कंपनी लिमिटेड (NISSO) के साथ तकनीकी सहयोग से तैयार ‘पोलिन’ नाम का फफूंदनाशी लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक, यह धान में लीफ ब्लास्ट और नेक ब्लास्ट रोग के नियंत्रण में मदद करेगा।

पत्तियों और नई बढ़वार तक पहुंचकर करेगा काम
कंपनी के अनुसार, पोलिन में दो तरह से पौधे के अंदर फैलने की क्षमता है। यह पत्तियों की ऊपरी सतह से अंदर जाकर पौधे के ऊतकों में फैलता है और उन हिस्सों की भी सुरक्षा करने में मदद करता है, जहां सीधे दवा का छिड़काव नहीं हुआ है। साथ ही, पौधे की नई निकलने वाली बढ़वार को भी सुरक्षा मिलती है।

कंपनी ने बताया कि इसे 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ की मात्रा में 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है। संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर फसल की महत्वपूर्ण बढ़वार अवस्था में इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

बार-बार छिड़काव की जरूरत घटने का दावा
धनुका के मुताबिक, पोलिन लंबे समय तक रोग नियंत्रण में मदद करता है। इससे फसल पर सुरक्षा की अवधि बढ़ सकती है और बार-बार फफूंदनाशी का छिड़काव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों के मजदूरी और दवा पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, दवा का इस्तेमाल फसल की स्थिति और लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार ही करना चाहिए।

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में लॉन्च
कंपनी ने पोलिन को फिलहाल कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लॉन्च किया है। इन राज्यों में धान किसानों के बीच लीफ और नेक ब्लास्ट रोग की पहचान और प्रभावी नियंत्रण को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू किए गए हैं।

जापानी तकनीक पर आधारित फफूंदनाशी
धनुका एग्रीटेक के प्रबंध निदेशक राहुल धनुका ने कहा कि पोलिन जापान की पेटेंट तकनीक और नए तरीके से काम करने वाली रसायन तकनीक पर आधारित है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य धान की फसल को ब्लास्ट रोग से लंबे समय तक सुरक्षा देना और बार-बार होने वाले छिड़काव के खर्च को कम करना है। कंपनी ने आने वाले महीनों में किसानों के लिए कृषि फसल सुरक्षा से जुड़े अन्य उत्पाद भी बाजार में उतारने की बात कही है।
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