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Palm Oil: भारत के खाद्य तेल बाजार पर मलेशिया की नजर, पाम ऑयल कारोबार बढ़ाने भारत आएंगी मंत्री

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 26 Sep 2026 09:15 AM IST
सार

भारत के खाद्य तेल बाजार में पाम ऑयल की बड़ी हिस्सेदारी है। मलेशिया की मंत्री नोरैनी अहमद 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भारत दौरे पर रहेंगी। बेंगलुरु और मुंबई में सरकारी प्रतिनिधियों, कंपनियों और उद्योग संगठनों के साथ पाम ऑयल की आपूर्ति, टिकाऊ खरीद और कारोबार बढ़ाने पर चर्चा होगी।

पाम ऑयल
पाम ऑयल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत के खाद्य तेल बाजार में पाम ऑयल की आपूर्ति और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए मलेशिया की प्लांटेशन और कमोडिटीज मंत्री नोरैनी अहमद 27 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक भारत दौरे पर रहेंगी। वह बेंगलुरु और मुंबई का दौरा करेंगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच पाम ऑयल और इससे बने उत्पादों के कारोबार को बढ़ाने पर चर्चा होगी।

मलेशियाई पाम ऑयल काउंसिल (MPOC) के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाना, कारोबार के नए अवसर तलाशना और भारत को टिकाऊ पाम ऑयल तथा पाम आधारित उत्पादों की भरोसेमंद आपूर्ति मजबूत करना है। मंत्री सरकारी अधिकारियों, कंपनियों, उद्योग संगठनों और तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगी।

कर्नाटक में खाद्य और कृषि कंपनियों से बैठक
बेंगलुरु में नोरैनी अहमद कर्नाटक सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगी। इसके अलावा वह भारत की प्रमुख खाद्य, उपभोक्ता उत्पाद और कृषि-तकनीक कंपनियों से भी बातचीत करेंगी। बैठक में पाम ऑयल की आपूर्ति, टिकाऊ तरीके से खरीद, पाम आधारित उत्पादों का इस्तेमाल, ऑयल पाम की खेती, डिजिटल कृषि और मलेशियाई कंपनियों को भारतीय निर्माताओं से जोड़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

13 साल से भारत मलेशिया का सबसे बड़ा बाजार
मलेशिया के लिए भारत लगातार 13 वर्षों से पाम ऑयल का सबसे बड़ा निर्यात बाजार रहा है। वर्ष 2025 में मलेशिया ने भारत को 29.4 लाख टन पाम ऑयल और पाम आधारित उत्पाद निर्यात किए। इनकी कीमत करीब 1,415 करोड़ मलेशियाई रिंगिट रही। MPOC के मुताबिक, भारत के कुल खाद्य तेल आयात में पाम ऑयल की हिस्सेदारी करीब 51 प्रतिशत है। वहीं, भारत में होने वाली कुल खाद्य तेल खपत में पाम ऑयल की हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत है।

2026 में भी बढ़ा निर्यात
MPOC की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बेलविंदर कौर सरोन ने बिजनेस लाइन से कहा कि भारत मलेशिया के पाम ऑयल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। उनके अनुसार, 2026 के पहले आठ महीनों में भारत को मलेशिया का पाम ऑयल निर्यात 40.4 प्रतिशत बढ़कर 22.6 लाख टन हो गया। इस अवधि में भारत के पाम ऑयल आयात में मलेशिया की हिस्सेदारी बढ़कर 39.2 प्रतिशत हो गई।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के उद्योगों के बीच लंबे समय से कारोबारी संबंध हैं। इस दौरे के दौरान ओलियोकेमिकल्स, स्पेशलिटी फैट्स और अन्य पाम आधारित उच्च मूल्य वाले उत्पादों में नए कारोबारी अवसर तलाशे जाएंगे।

मुंबई में ग्लोबऑयल इंडिया 2026 में देंगी भाषण
मुंबई में 30 सितंबर को मलेशियाई मंत्री ग्लोबऑयल इंडिया 2026 में मुख्य भाषण देंगी। यह भारत के प्रमुख खाद्य तेल और वसा उद्योग सम्मेलनों में से एक है। इसमें दुनिया के खाद्य तेल कारोबार से जुड़े करीब 1,500 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

मंत्री सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पदाधिकारियों और अन्य उद्योग प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगी। इस दौरान बाजार की जरूरत, खाद्य तेल की आपूर्ति और दोनों देशों के बीच लंबे समय के कारोबारी सहयोग पर चर्चा होगी।

मलेशियाई पाम ऑयल काउंसिल के मुताबिक, इस दौरे से भारत के बदलते बाजार की जरूरतों को समझने, कंपनियों के बीच संपर्क बढ़ाने और भविष्य में कारोबारी सहयोग के लिए ठोस योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
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