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Home› Khabar Junction› Matira Seeds Are Being Sold For Rs 20 Thousand A Quintal Farmers Of Barmer Are Compensating For Loss

मतीरे की बहार : 20 हजार रुपये क्विंटल बिक रहे बीज, कम बारिश से नुकसान की भरपाई कर रहे बाड़मेर के किसान

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 22 Oct 2026 06:44 PM IST
सार

  • मतीरे के बीज किसानों को बेहतरीन भाव दे रहे हैंस बाड़मेर के स्थानीय बाजार में भाव करबी 20 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है
  •  कई गांवों में किसान परिवार मतीरे काटने और उनके बीज निकालने में जुटे हैं।
  • बारिश की कमी से बाजरे की फसल प्रभावित होने की आशंका के बीच मतीरे की पैदावार से किसानों को राहत मिली है

मतीरे के बीज किसानों को बेहतरीन भाव दे रहे हैं।
मतीरे के बीज किसानों को बेहतरीन भाव दे रहे हैं। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले के सीमावर्ती रेतीली इलाकों में इन दिनों मतीरे की फसल की बहार है। कम पानी वाले इस शुष्क क्षेत्र में मतीरे की पैदावार किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का एक मजबूत जरिया बन गई है। इस पारंपरिक खेती से मिलने वाले मतीरे के बीज स्थानीय बाजार में करीब 20 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक की बेहतरीन कीमत पर बिक रहे हैं।

किसान परिवार बीज निकालने के काम में जुटे
रामसर क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों जैसे गागरिया, बुठिया, जुम्मे फकीर की बस्ती और चाड़वा समेत कई गांवों में मतीरे की खेती ग्रामीण जीवन शैली और कृषि व्यवस्था का अहम हिस्सा है। अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद में किसान परिवार के सभी सदस्य एकजुट होकर दिन-रात खेतों में मतीरों को एक जगह इकट्ठा करने, उन्हें काटने और बीज बाहर निकालने के काम में जुटे हुए हैं।

कम बारिश से बाजरा उत्पादन में गिरावट का खतरा, मतीरे ने दिया सहारा
इस बार पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे मुख्य फसल बाजरे के उत्पादन में काफी कमी आने की आशंका है। ऐसे में मतीरे की बेहतर पैदावार ने किसानों को थोड़ी राहत जरूर दी है। खेती यहां केवल फसल उगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आजीविका का मुख्य आधार है। बाजरा उत्पादन में गिरावट के बावजूद मतीरे की खेती किसानों को  आर्थिक मोर्चे पर राहत देती नजर आ रही है।

 


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