Home›Khabar Junction›
Maharashtra Sugarcane Crushing Season Slows Down 65 Sugar Mills Resume Operations Fears Production Decline
महाराष्ट्र : गन्ना पेराई सीजन धीमा, 65 चीनी मिलों में काम शुरू... उत्पादन घटने की आशंका
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 23 Oct 2026 07:12 PM IST
सार
महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सीजन की धीमी शुरुआत के बीच चीनी उत्पादन 75 से 80 लाख टन रहने का अनुमान है। जानें किसान संगठनों की चीनी और इथेनॉल के दाम बढ़ाने की मांग।
महाराष्ट्र में 2026-27 का गन्ना पेराई सीजन शुरू हो गया है, लेकिन राज्य में मिलों का संचालन अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। 22 अक्टूबर तक 65 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी थी। राज्य के चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोल्टे के मुताबिक, अब तक 158 मिलों को पेराई की अनुमति दी गई है, जबकि बाकी मिलों के आवेदनों की जांच चल रही है।
पश्चिमी महाराष्ट्र में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के आंदोलन के कारण पेराई सीजन की शुरुआत धीमी रही है। कोल्हापुर के प्रभारी मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा है कि जिले में चीनी मिलों का संचालन शुरू कराने के मुद्दे पर दो दिन के भीतर संयुक्त बैठक की जाएगी। उम्मीद है कि इससे जिले की मिलों में पेराई शुरू करने की प्रक्रिया तेज होगी।
इस सीजन में कितना होगा चीनी उत्पादन?
महाराष्ट्र में इस बार गन्ने की उपलब्धता और अनियमित बारिश के असर को लेकर चिंता बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात और पानी की कमी ने भी फसल पर असर पड़ने की आशंका बढ़ाई है। ऐसे में राज्य में चीनी उत्पादन के अनुमान अलग-अलग सामने आ रहे हैं।
चीनी आयुक्त कार्यालय ने इस सीजन में 90.18 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है। वहीं, वेस्ट इंडिया शुगर मिल्स एसोसिएशन (WISMA) के अध्यक्ष बी.बी. थोंबरे ने उत्पादन में करीब 20 फीसदी गिरावट के साथ लगभग 80 लाख टन रहने की संभावना जताई है। एग्रीमंडी लाइव के आकलन के अनुसार, उत्पादन घटकर 75 लाख टन तक रह सकता है।
90 से 100 दिन चल सकता है पेराई सीजन
इस बार पेराई सीजन करीब 90 से 100 दिन चलने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी अवधि गन्ने की उपलब्धता, मिलों के शुरू होने की रफ्तार, उनकी पेराई क्षमता और मौसम पर निर्भर करेगी। आने वाले हफ्तों में यह स्पष्ट होगा कि अनियमित बारिश और कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी से गन्ने की फसल कितनी प्रभावित हुई है। यदि मिलों को पर्याप्त गन्ना नहीं मिलता है, तो पेराई सीजन छोटा हो सकता है। इसके साथ ही राज्य में चीनी उत्पादन के अनुमानों में भी बदलाव संभव है।
चीनी और इथेनॉल के दाम बढ़ाने की मांग
महाराष्ट्र में किसान संगठन चीनी और इथेनॉल के दाम बढ़ाने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) 31 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो किया जाए। इसके अलावा इथेनॉल की कीमत 70 से 75 रुपये प्रति लीटर करने की मांग भी की जा रही है।
किसान संगठनों की अन्य मांगों में चीनी को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाना, घरेलू और औद्योगिक उपयोग वाली चीनी के लिए अलग-अलग कोटा और कीमत तय करना तथा दो चीनी मिलों के बीच हवाई दूरी की शर्त समाप्त करना शामिल है। संगठन गन्ना किसानों, सहकारी चीनी मिलों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान भी चाहते हैं।
केंद्र के स्तर पर बैठक कराने का भरोसा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसान संगठनों को भरोसा दिया है कि चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 50 रुपये प्रति किलो और इथेनॉल की कीमत 75 रुपये प्रति लीटर करने की मांग पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर किसान प्रतिनिधियों और चीनी मिल मालिकों की संयुक्त बैठक कराने की व्यवस्था की जाएगी।
चार दिन पहले सांगली दौरे के दौरान फडणवीस से किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश खराडे, शेतकरी सेना के प्रदेश अध्यक्ष जालिंदर पाटिल और जय शिवराय संगठन के अध्यक्ष शिवाजी माने शामिल थे। प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं और विभिन्न मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा था। महाराष्ट्र में पेराई सीजन की रफ्तार, गन्ने की उपलब्धता, मौसम का असर और किसान आंदोलनों की स्थिति आने वाले हफ्तों में राज्य के चीनी उत्पादन की तस्वीर तय करेगी।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।