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महाराष्ट्र : बारिश की कमी से फसलों पर संकट, फडणवीस बोले- सूखा राहत के कदम शुरू

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 21 Sep 2026 06:09 PM IST
सार

  • महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है।
  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार ने सूखा राहत के उपाय पहले ही शुरू कर दिए हैं।
  • राज्य सरकार किसानों की मदद के लिए केंद्र से आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार नहीं करेगी।
  • 5 अक्टूबर के बाद खेतों में फसल नुकसान का औपचारिक पंचनामा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी से फसलों पर संकट बढ़ रहा है। विपक्ष सरकार से राज्य के प्रभावित इलाकों को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत देने की मांग कर रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार ने किसानों की मदद के लिए सूखा राहत के उपाय पहले ही शुरू कर दिए हैं और केंद्र से सहायता मिलने का इंतजार नहीं किया जा रहा है। फडणवीस ने कहा कि सूखा घोषित करने और राहत पहुंचाने की प्रक्रिया अलग-अलग है। सरकार फिलहाल अपने स्तर पर किसानों के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

5 अक्टूबर के बाद होगा फसल नुकसान का आकलन
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों के अनुसार 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का औपचारिक आकलन किया जाएगा। इसे आम तौर पर खेतों में नुकसान का पंचनामा बनाने की प्रक्रिया कहा जाता है। इसके बाद राज्य सरकार केंद्र से राहत के लिए सहायता मांगेगी। फडणवीस ने कहा कि तब तक किसानों को मदद देने का काम रुकेगा नहीं।

केंद्र की मदद का इंतजार नहीं
फडणवीस के मुताबिक राज्य सरकार अपनी तरफ से उपलब्ध राशि से किसानों की मदद शुरू कर देती है और केंद्र से सहायता मिलने का इंतजार नहीं करती। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल में भी बारिश की स्थिति और उससे पैदा हुए संकट पर चर्चा हो चुकी है और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।

सूखा घोषित करने के लिए कुछ औपचारिक प्रक्रिया जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा औपचारिक रूप से घोषित करने से पहले एनडीआरएफ के तहत कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। इसके बाद ही केंद्र से सहायता मांगी जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार इन औपचारिक प्रक्रियाओं को तय समय के अनुसार पूरा करेगी, लेकिन किसानों की मदद के लिए राहत कार्य अभी से जारी हैं।

कई इलाकों में लंबे समय से बारिश में ब्रेक
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लंबे समय से बारिश में कमी बनी हुई है। इससे खरीफ फसलों पर असर पड़ने की चिंता बढ़ी है। विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रभावित क्षेत्रों को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित किया जाए और फसल नुकसान झेल रहे किसानों को आर्थिक सहायता दी जाए।

सरकार का कहना क्या है?
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, राहत के लिए सरकार को औपचारिक सूखा घोषणा तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। राज्य स्तर पर मदद के कदम शुरू किए जा चुके हैं, जबकि 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का आधिकारिक आकलन कर केंद्र से अतिरिक्त सहायता मांगी जाएगी।
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