बिहार के किसान अक्तूबर में लहसुन और प्याज की नर्सरी लगाकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। उद्यान निदेशालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्याज की भीमा शक्ति और NHRDF-4 समेत लहसुन की भीमा पर्पल किस्म की जानकारी साझा की है। निदेशालय ने भीमा शक्ति और NHRDF-4 को उपज और आमदनी के मोर्चे पर बेहतर बताया है। इन दोनों किस्मों का अनुमानित उत्पादन 28 से 32 टन प्रति हेक्टेयर रखा गया है। इन किस्मों की भंडारण क्षमता 5-6 महीनों की बताई गई है।
उद्यान निदेशालय के अनुसार, भीमा शक्ति और NHRDF-4 में **उच्च उत्पादन क्षमता** है। विभाग ने इन्हें बेहतर उत्पादन और बेहतर आमदनी से जोड़ते हुए किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बताया है। इन किस्मों के लिए दिए गए रोपण चक्र के अनुसार नर्सरी तैयार करने का समय अक्तूबर-नवंबर और रोपाई का समय दिसंबर-जनवरी है।
भीमा पर्पल 120-135 दिन में तैयार
बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय ने भीमा पर्पल को भी लहसुन की उन्नत किस्म के तौर पर बताया है। विभाग के अनुसार, यह किस्म 120-135 दिन में तैयार हो जाती है। भीमा पर्पल के लिए विभाग ने 400-500 किलो प्रति हेक्टेयर बीज दर बताई है। विभाग के अनुसार, इसकी रोपाई का समय *अक्तूबर-नवंबर है।
प्याज बाजार में तेजी,
खेती-बाड़ी से आगे बढ़कर बाजार की बात करें, तो प्याज बाजार में तेजी का दौर जारी है। देश में प्याज का औसत खुदरा रेट 50-55 के आसपार चल रहा है। वहीं, आम लोगों तक प्याज और महंगी पहंच रही है। केवल खुदरा रेट की बात करें तो मौजूदा रेट एक महीने पहले से 48 प्रतिशत ज्यादा है।
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