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Home› Khabar Junction› Karnataka Farmers Divided Over Sugarcane Prices Demand For Rs 4500 Per Tonne Leads Ruckus Before Meeting

कर्नाटक : गन्ने के दाम पर किसानों में फूट, 4500 रुपये प्रति टन की मांग के बीच बैठक से पहले हंगामा

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 04 Nov 2026 04:02 PM IST
सार

कर्नाटक के बेलगावी में गन्ने के दाम पर बैठक से पहले किसान संगठनों में विवाद हो गया। किसान 4,500 रुपये प्रति टन की मांग कर रहे हैं, जबकि चीनी मिलें 3,650 रुपये की एफआरपी देने पर अड़ी हैं।

गन्ने की खेती
गन्ने की खेती - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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कर्नाटक के बेलगावी में गन्ने के दाम को लेकर किसानों और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को होने वाली बैठक से पहले ही विवाद शुरू हो गया। बैठक में किन किसानों को शामिल किया जाए, इस मुद्दे पर किसान संगठनों के बीच मतभेद सामने आ गए। इसके चलते बैठक में देरी हुई।

जिला प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बैठक के लिए 50 किसानों को आमंत्रित किया था। प्रशासन के इस फैसले से दूसरे किसान नाराज हो गए। उनका कहना था कि केवल 50 किसान पूरे राज्य के गन्ना किसानों के हितों और भविष्य से जुड़े फैसले नहीं कर सकते।

इसके विरोध में कई किसान उपायुक्त कार्यालय के बाहर जुट गए और बैठक में शामिल होने की मांग करने लगे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि बैठक में केवल उन्हीं किसानों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास आमंत्रण पत्र है।

बैठक में मौजूद कुछ किसानों ने भी मांग की कि इसे उपायुक्त कार्यालय के बजाय किसी खुले मैदान में कराया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी बात रख सकें। लेकिन प्रशासन ने यह मांग खारिज कर दी। अधिकारियों का कहना था कि उन्हें बैठक कार्यालय में ही कराने के निर्देश मिले हैं। इस मुद्दे पर किसान नेताओं और अलग-अलग गुटों के सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई।

गन्ने की कीमत को लेकर किसानों और चीनी मिलों के बीच जारी विवाद सुलझाने के लिए प्रभारी उपायुक्त राहुल शिंदे ने यह बैठक बुलाई थी। किसान चीनी मिलों से गन्ने के लिए 4,500 रुपये प्रति टन भुगतान की मांग कर रहे हैं। वहीं, चीनी मिलें 3,650 रुपये प्रति टन की मौजूदा उचित एवं लाभकारी कीमत (एफआरपी) के हिसाब से भुगतान करना चाहती हैं।

इससे पहले 26 अक्टूबर को सुवर्ण विधान सौध में मुख्यमंत्री की बैठक से पहले भी किसान संगठनों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। उस दौरान भी गन्ने के दाम और किसानों की मांगों को लेकर अलग-अलग गुटों के बीच मतभेद सामने आए थे।
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