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हिमाचल में सेब की पैदावार आधी : 1.80 करोड़ पेटियों की गिरावट, बागवानों से बाजार तक संकट

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 04 Nov 2026 03:34 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार से सेब उत्पादन आधा रह गया है। इस साल 1.70 करोड़ पेटियों के उत्पादन का अनुमान है। कमजोर फसल से बागवानों को नुकसान और शिमला के कारोबार में 35 फीसदी तक गिरावट आई है।

सेब की बगिया
सेब की बगिया - फोटो : सोशल मीडिया
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हिमाचल प्रदेश में इस साल सेब की पैदावार में भारी गिरावट आई है। पिछले साल जहां राज्य में करीब 3.50 करोड़ पेटियों का उत्पादन हुआ था, वहीं इस बार यह घटकर करीब 1.70 करोड़ पेटियां रहने का अनुमान है। यानी एक साल में सेब उत्पादन में करीब 1.80 करोड़ पेटियों की कमी आ सकती है। मौसम की मार से बागवानों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसका असर सेब कारोबार के साथ परिवहन, पैकेजिंग, मंडियों और स्थानीय बाजारों पर भी पड़ा है।

छह साल में सबसे कम सेब उत्पादन का अनुमान
बागवानी विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अब तक करीब 1.40 करोड़ पेटियां ही बाजार तक पहुंची हैं। विभाग के निदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि कुल उत्पादन का अनुमान लगाते समय मंडियों में बिके सेब के अलावा सरकारी खरीद, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस), सीए स्टोर और कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से खरीदे गए सेब को भी शामिल किया जाता है। इन सभी आंकड़ों को जोड़ने के बाद इस साल कुल उत्पादन करीब 1.70 करोड़ पेटियां रहने का अनुमान है। पिछले छह वर्षों में इस बार सेब का उत्पादन सबसे कम रहने की आशंका है।
  • 2021- 3.05 करोड़ पेटियां
  • 2022- 3.36 करोड़ पेटियां
  • 2023- 2.11 करोड़ पेटियां
  • 2024- 2.51 करोड़ पेटियां
  • 2025- 3.49 करोड़ पेटियां
  • 2026- 1.70 करोड़ पेटियां (अनुमानित)

10 नवंबर तक चलेगा सेब सीजन
आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 31 अक्तूबर को समाप्त होना था, लेकिन इसे 10 दिन बढ़ाकर अब 10 नवंबर तक कर दिया गया है। हालांकि, प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में सेब की तुड़ाई लगभग पूरी हो चुकी है। अब केवल स्पीति और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों से ही सेब बाजार में पहुंच रहा है।

बागवानी क्षेत्र को 2,000 करोड़ रुपये तक नुकसान का दावा
हिमाचल प्रदेश फल, फूल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान के मुताबिक, इस बार बागवानी क्षेत्र को 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से नुकसान का शुरुआती आकलन करीब 1,000 करोड़ रुपये किया जा रहा है, लेकिन वास्तविक नुकसान इससे ज्यादा हो सकता है।

शिमला के कारोबार में 30 से 35 फीसदी गिरावट
सेब की कमजोर फसल का असर प्रदेश के बाजारों पर भी पड़ा है। हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह के मुताबिक, शिमला में कारोबारियों की बिक्री में 30 से 35 फीसदी तक गिरावट आई है। दरअसल, सेब सीजन में बागवानों और ग्रामीण लोगों के हाथ में पैसा आता है। वे इसी दौरान कपड़े, घरेलू सामान और दूसरी जरूरतों की खरीदारी करते हैं। इस बार फसल कम होने से उनकी आमदनी और खरीदने की क्षमता दोनों प्रभावित हुई हैं। इसका सीधा असर स्थानीय कारोबार पर पड़ा है।
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