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मलिहाबाद में खुलेगा प्राकृतिक खेती के लिए केंद्र : किसानों को मिलेंगे जीवामृत-नीमास्त्र, 13 नवंबर तक आवेदन

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 04 Nov 2026 03:39 PM IST
सार

लखनऊ के मलिहाबाद में प्राकृतिक खेती के लिए बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर खोला जाएगा। किसानों को जीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक खाद-कीटनाशक मिलेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 13 नवंबर है।

प्राकृतिक खेती
प्राकृतिक खेती - फोटो : AI Image
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विस्तार
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लखनऊ के मलिहाबाद में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) खोला जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग ने स्थानीय उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), सहकारी समितियों और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से आवेदन मांगे हैं। इच्छुक लोग 13 नवंबर तक कृषि भवन स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।

किसानों को मिलेंगे प्राकृतिक खाद और कीटनाशक
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के तहत मलिहाबाद विकासखंड में प्राकृतिक खेती के 10 क्लस्टर संचालित हैं। प्रस्तावित बीआरसी का मुख्य काम इन क्लस्टरों से जुड़े किसानों को प्राकृतिक खाद और कीटों से बचाव के लिए जैविक घोल उपलब्ध कराना होगा।

केंद्र पर किसानों को जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी, नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक खाद और कीटनाशक तैयार करके दिए जाएंगे। इससे किसानों को खेती के लिए जरूरी जैविक आदान स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगे।

प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी मिलेगा
बीआरसी के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खाद और कीटनाशक बनाने के तरीके भी बताए जाएंगे। साथ ही, प्राकृतिक खेती की तकनीक और खेतों में इनका सही इस्तेमाल करने की जानकारी दी जाएगी।इस केंद्र से किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, गांव के स्तर पर प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय उद्यमियों को भी काम करने का अवसर मिलेगा।

आवेदन कहां और कब तक करें?
स्थान : मलिहाबाद विकासखंड, लखनऊ
आवेदन की अंतिम तारीख : 13 नवंबर
आवेदन जमा करने का स्थान : कृषि भवन स्थित उप कृषि निदेशक कार्यालय
कौन कर सकता है आवेदन : स्थानीय उद्यमी, एफपीओ, पैक्स, सहकारी समितियां और प्राकृतिक खेती करने वाले किसान।
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