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Kal Ka Mausam: किसान हो जाएं सावधान, उत्तराखंड-UP में भारी बारिश, कई राज्यों में 3 अक्तूबर तक बारिश का अलर्ट

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 27 Sep 2026 04:51 PM IST
सार

  • कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
  • 27 सितंबर को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
  • बिहार, पूर्वी UP और हिमाचल में भी भारी बारिश का अनुमान है।
  • कई राज्यों के लिए 3 अक्तूबर तक बारिश का अलर्ट जारी।

कल देश के कई राज्यों में बरसेंगे बादल।
कल देश के कई राज्यों में बरसेंगे बादल। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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27 सितंबर को कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कल (Kal Ka Mausam) उत्तराखंड और यूपी के पश्चिमी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। दूसरी ओर बिहार, यूपी के पूर्वी हिस्सों और हिमाचल में भारी बारिश के आसार हैं। इस दौरान तेज हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

अक्तूबर की शुरुआत तक कई राज्यों में बारिश का दौर
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में 30 सितंबर और पूर्वी में एक अक्तूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, विदर्भ में दो अक्तूबर और छत्तीसगढ़ में 3 अक्तूबर तक बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वी भारत में की बात करें तो बिहार में 27 सितंबर से 1 अक्तूबर  तक, जबकि झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 27 सितंबर से 3 अक्तूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है।

पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा समेत मध्य महाराष्ट्र में 27 सितंबर से 3 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में 27 से 29 सितंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 30 सितंबर से 3 अक्तूबर तक बारिश की संभावना है।

किसान इन बातों का रखें ध्यान
किसानों को भारी बारिश से निपटने के लिए कुछ तैयारियां करने की सलाह दी गई है। सबसे पहले  खड़ी फसलों वाले खेत में  जल निकासी की व्यवस्था करें, जिससे जलभराव की चुनौती से निपटने में मदद मिल सकती है। वहीं, फसलों को गिरने से बचाने के लिए सब्जियों को सहारा दें। सिंचाई, निराई-गुड़ाई, खाद और कीटनाशक छिड़कने से बचें।

तेज हवाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने या खेत में तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और संतुलित आहार देने को कहा गया है। चारा और दाना सुरक्षित जगह पर रखने तथा मछली तालाबों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए जालीदार निकास बनाने की सलाह दी गई है।



 


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