विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Bihar Govt 75 Subsidy On Pest Control Equipment Online Applications Have Started

Bihar: कीटनाशक पर खर्च कम होगा, सरकार दे रही कीट नियंत्रण उपकरणों पर 75% तक सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन शुरू...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 27 Sep 2026 03:32 PM IST
सार

  • बिहार के किसानों को कई तरह के कीट नियंत्रण उपकरणों पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी।
  • फसल और ट्रैप के आधार पर सब्सिडी अलग-अलग तय की गई है।
  • सामान्य क्षेत्रों से आने वाले किसानों को पांच एकड़ और टाल क्षेत्रों के लिए 10 एकड़ की अधिकतम सीमा तय।

बिहार के किसानों को कीट पकड़ने वाले ट्रैपों पर मिलेगी भारी सब्सिडी।
बिहार के किसानों को कीट पकड़ने वाले ट्रैपों पर मिलेगी भारी सब्सिडी। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार में किसानों को कीट नियंत्रण उपकरणों की खरीद पर 75 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी मिल रही है। इस कदम का मकसद रसायन के बिना कीट प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत आवेदन की ऑनलाइन खिड़की खोल दी गई है।

फेरोमोन से फ्रूट फ्लाई ट्रैप तक मिलेगी सब्सिडी
जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत किसानों को फेरोमोन ट्रैप, स्टिकी ट्रैप और फ्रूट फ्लाई ट्रैप जैसे उपकरण सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि विभाग का कहना है कि अलग-अलग फसलों और उनमें लगने वाले कीटों के आधार पर सब्सिडी की राशि तय की जाएगी।

फसल और कीट के हिसाब से उपकरण और सब्सिडी अलग-अलग
धान को तना छेदक कीट से बचाने के लिए फेरोमोन ट्रैप पर 480 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी दी जा रही है। इसी तरह मक्का की फसल में फॉल आर्मीवॉर्म कीट की रोकथाम के लिए 810 रुपये प्रति एकड़ और टमाटर में लीफ माइनर कीट से बचाव के लिए 885 रुपये प्रति एकड़ तक की सब्सिडी तय की गई है।

सब्जियों को डायमंड बैक माउथ कीट से बचाने के लिए फेरोमोन ट्रैप पर 855 रुपये प्रति एकड़ तक का अनुदान तय है। इसके अलावा, सभी प्रकार की फसलों के लिए स्टिकी और फ्रूट फ्लाई ट्रैप पर 360 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता दी जा रही है। वहीं, सब्जियों में फ्रूट फ्लाई के लिए 765 रुपये प्रति एकड़ और आम व लीची जैसी फलदार फसलों के लिए 825 रुपये प्रति एकड़ तक की आर्थिक मदद सरकार द्वारा दी जा रही है।

क्षेत्र के हिसाब से सब्सिडी की सीमा
सामान्य क्षेत्रों से आने वाले किसान ज्यादा से ज्यादा पांच एकड़ तक सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। वहीं, टाल क्षेत्रों के किसानों के लिए यह सीमा 10 एकड़ तय की गई है। कृषि विभाग के अनुसार, टाल क्षेत्र के तहत पटना, नालंदा, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर और मुंगेर जिलों को शामिल किया गया है।

योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1551 पर बात कर सकते हैं।



विज्ञापन
विज्ञापन