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Delhi Pollution Aap Says Punjab Farmers Being Targeted Stubble Burning Figures Have Decreased
दिल्ली का प्रदूषण : AAP बोली- पंजाब के किसानों को बनाया जा रहा निशाना, घटा पराली जलाने का आंकड़ा
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Wed, 04 Nov 2026 02:58 PM IST
सार
दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर AAP और BJP में सियासी घमासान तेज है। AAP ने पंजाब के किसानों का बचाव करते हुए दावा किया कि 2021 के मुकाबले 2025 में पराली जलाने की घटनाएं 93 फीसदी घटी हैं।
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। पंजाब की सत्तारूढ़ AAP ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराकर उन्हें निशाना बना रहे हैं। पार्टी का कहना है कि धान की कटाई का मौसम शुरू होने से पहले ही भाजपा नेताओं ने पराली जलाने को लेकर पंजाब पर आरोप लगाने शुरू कर दिए थे।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान AAP नेता बलतेज पन्नू ने दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के कई कारण हैं। इसके लिए केवल पंजाब में पराली जलाने को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनका आरोप है कि भाजपा दिल्ली के भीतर प्रदूषण रोकने के उपायों पर ध्यान देने के बजाय इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।
पराली प्रबंधन के लिए खरीदी गईं 21 हजार से ज्यादा मशीनें
पन्नू ने भगवंत मान सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का बचाव करते हुए दावा किया कि पंजाब में किसानों को पराली जलाने से रोकने और फसल अवशेषों के सही प्रबंधन के लिए कई प्रयास किए गए हैं। इस सीजन में किसानों की मदद के लिए 21 हजार से ज्यादा मशीनें खरीदी गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों में भी पराली जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। अब कई किसान अपने संसाधनों या मशीनों की मदद से फसल अवशेषों का प्रबंधन कर रहे हैं। AAP नेता के मुताबिक, सरकार के प्रयासों और किसानों की जागरूकता से खेतों में आग लगाने की घटनाओं में कमी आई है।
93 फीसदी घटीं पराली जलाने की घटनाएं: AAP
AAP नेता ने दावा किया कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में लगातार कमी आई है। उनके मुताबिक, राज्य में 2021 में करीब 71 हजार घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो 2022 में घटकर 49,922, 2023 में 36,663 और 2024 में 10,906 रह गईं। वहीं, 2025 में इनकी संख्या और घटकर 5,114 हो गई। इस तरह 2021 के मुकाबले 2025 में पराली जलाने की घटनाओं में करीब 93 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने भाजपा नेताओं से आरोप लगाने से पहले आंकड़ों की जांच करने की अपील की।
भाजपा ने पंजाब सरकार के प्रयासों पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, भाजपा दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रही है। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी खेतों में आग लगाने की घटनाओं और उन्हें रोकने के लिए किए जा रहे उपायों पर चिंता जताई है। इस तरह दिल्ली के प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। जहां AAP पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में कमी का दावा कर रही है, वहीं भाजपा राज्य सरकार के प्रयासों पर सवाल उठा रही है।
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