भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्तूबर से से लागू होने जा रहा है। इस समझौते के लागू होने से भारत के कई कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात को रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि कई भारतीय उत्पादों को समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने 100 प्रतिशत शुल्क मुक्त दायरे में रखा है। इस तरह दूसरे देशों की तुलना में भारत को ऊपरी हाथ मिल सकता है।
बासमती, मसाले और फलों को शुल्क मुक्त बाजार
जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड के बाज़ार में 8,284 टैरिफ श्रेणियों पर भारत को 100% शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत से न्यूज़ीलैंड भेजे जाने वाले कृषि और खाद्य उत्पादों पर कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा।
इस व्यवस्था से भारत के प्रमुख कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है, जिनमें बासमती चावल, मसाले, फल और जूस, प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पाद शामिल है।
कृषि निर्यात में 165% की शानदार बढ़ोतरी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के कृषि निर्यात में पिछले वर्षों के दौरान जबरदस्त उछाल आया है। साल 2014-15 में भारत का कृषि निर्यात 39 मिलियन डॉलर था। साल 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 104 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इस तरह कृषि उत्पादों के निर्यात में करीब 165 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
किसानों और निर्यातकों के लिए नए मौके
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर से इस समझौते के पूरी तरह अमल में आने के बाद भारतीय कृषि उत्पादों का स्वाद न्यूजीलैंड तक पहुंचेगा। शुल्क-मुक्त बाजार मिलने से देश के किसानों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े निर्यातकों के लिए कमाई और कारोबार बढ़ाने का दायरा और बड़ा होगा।