भारत कृषि तकनीक और कृषि-खाद्य निवेश के मोर्चे पर प्रमुख राज्यों में सूची में शामिल हो गया है। एगबेस (AgBase), ब्राइटर (Briter) और आईएसएफ एडवाइजर्स (ISF Advisors) की ताजा रिपोर्ट एगटेक इन्वेस्टमेंट इन इमर्जिंग मार्केट्स 2025 में भारत को ब्राजील, इंडोनेशिया, चिली और अर्जेंटीना के साथ व्यावसायिक रूप से सबसे आगे रहने वाले देशों की श्रेणी में रखा गया है।
17 बाजारों में भारत को मिला सबसे अधिक निवेश
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 से 2025 की तीसरी तिमाही के बीच 17 उभरते बाजारों में कृषि तकनीक के क्षेत्र में कुल 4.39 अरब डॉलर का निवेश किया गया। इसमें से अकेले भारत ने 2.1 अरब डॉलर का निवेश हासिल किया है, जो इन सभी 17 बाजारों में सबसे ज्यादा है।
दक्षिण एशिया में निवेशकों के लिए बेहतरीन मौके
रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन किए गए क्षेत्रों में दक्षिण एशिया एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां एग्री-फूड क्षेत्र में निवेशकों को मुनाफा कमाकर बाहर निकलने के कई शानदार विकल्प मिलते हैं। इनमें कंपनियों का अधिग्रहण, प्राइवेट इक्विटी और शेयर बाजार में लिस्टिंग (Public Listing) शामिल हैं। यह सुविधा खेतों में काम करने वाले (on-farm), खेतों के बाहर काम करने वाले (off-farm) और खुदरा (retail) सेगमेंट, सभी में उपलब्ध है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शेयर बाजार में एग्री-फूड कंपनियों का शामिल होना दक्षिण एशिया को अन्य उभरते बाजारों से अलग और खास बनाता है। इससे यह पता चलता है कि यहां का पूंजी बाजार इन कंपनियों को आगे बढ़ाने में सक्षम है।
एआई, ड्रोन और एग्री-बायोटेक में भविष्य की संभावनाएं
रिपोर्ट में एग्री-बायोटेक को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है, जिसमें निवेश की अपार संभावनाएं हैं। हालांकि वर्तमान में जैविक उत्पादों के बाजार में लैटिन अमेरिका आगे है, लेकिन दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी अब शुरुआती निवेश और व्यावसायिक रुचि तेजी से बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में यहां की नई कृषि-खाद्य कंपनियां मुख्य रूप से बायोलॉजी, कृषि सामग्री, एआई आधारित हार्डवेयर, स्वचालित ड्रोन, रोबोटिक्स और अन्य नई तकनीकों से उभरकर सामने आ सकती हैं।
भारत की मजबूत स्थिति पर विशेषज्ञ की राय
कृषि क्षेत्र में निवेश करने वाली संस्था ओम्निवोर के मैनेजिंग पार्टनर मार्क कान के बयान का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरते बाजारों में नई पीढ़ी की एग्री-फूड कंपनियां बनाने का बहुत बड़ा अवसर है।
मार्क कान के अनुसार, भारत के पास एक दुर्लभ संयोजन है- यहां बड़े पैमाने पर कृषि होती है, मजबूत डिजिटल ढांचा है, बेहतरीन उद्यमी हैं, घरेलू पूंजी बढ़ रही है, निवेशकों के लिए कई विकल्प मौजूद हैं और सरकार की नीतियां भी समर्थन देने वाली हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह सारी सुविधाएं उद्यमियों को अपनी कंपनियों को शुरुआती प्रयोगों से निकालकर एक बड़े और वास्तविक स्तर तक ले जाने के लिए एक मजबूत आधार देती हैं।