उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं। वहीं, मंडियों में खुले में रखा धान, कपास और मक्का भी बारिश में भीग गया है। हरियाणा की मंडियों में करीब 6.72 लाख टन धान भीगने की खबर है। वहीं, 6.18 लाख किसानों ने फसल को हुए नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और तेज बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, 3.5 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान, कपास और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी फसलें गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंडियों में खुले में रखी उपज भी भीगने से उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा है।
राज्यों में बारिश से नुकसान की स्थिति
हरियाणा : राज्य की अनाज मंडियों में करीब 6.72 लाख टन धान भीग गया है। इससे किसानों और खरीद व्यवस्था से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश : मथुरा, आगरा समेत कई मंडियों में लगभग 60,000 क्विंटल धान, कपास और मक्का बारिश में भीग गया। इससे उपज की गुणवत्ता और बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।
पंजाब और राजस्थान : बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह फसलें गिरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पहाड़ी राज्य : उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में मौसम में बदलाव के साथ बर्फबारी दर्ज की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में गिरा तापमान
दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट आई है। पारा करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आने से मौसम ठंडा हो गया है। बारिश के कारण खेतों और मंडियों में हुए नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर कटाई के लिए तैयार फसलों और खुले में रखी उपज को ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।
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