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हरियाणा: धान खरीद की मांग कर रहे किसानों पर वाटर कैनन-आंसू गैस, चढूनी बोले- ये देश का पेट भरने वालों पर हमला

गांव जंक्शन डेस्क, छत्रपति संभाजीनगर Published by: Umashankar Mishra Updated Tue, 22 Sep 2026 08:42 PM IST
सार

हरियाणा के शाहाबाद में धान खरीद तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर जीटी रोड जाम कर रहे बीकेयू (चढूनी) के किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
 

पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के शाहाबाद में मंगलवार को धान खरीद तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर दिल्ली-चंडीगढ़ जीटी रोड जाम करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के सदस्यों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। बीकेयू (चढूनी) अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया।

हरियाणा के शाहाबाद से पीटीआई की खबर के अनुसार, राज्य संचालित खरीद केंद्रों पर सरकार से तुरंत धान की खरीद शुरू करने की मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली-चंडीगढ़ जीटी रोड जाम करने वाले भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के सदस्यों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

सुबह से जमा हुए थे सैकड़ों किसान
आमतौर पर राज्य में धान खरीद की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू होती है, हालांकि पिछले साल यह 22 सितंबर से ही शुरू हो गई थी। सैकड़ों किसान सुबह से ही जीटी रोड के करीब स्थित शहीद उधम सिंह स्मारक के पास जमा हो गए थे।

डीसी के साथ बातचीत रही बेनतीजा
बीकेयू (चढूनी) नेता गुरनाम सिंह चढूनी और कुरुक्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर विश्राम कुमार मीणा के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक बेनतीजा रही। बीकेयू (चढूनी) नेताओं के मुताबिक, बातचीत फेल होने के बाद प्रदर्शनकारी किसान जीटी रोड की तरफ कूच कर गए। पुलिस ने उन्हें हाईवे तक पहुंचने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर जीटी रोड में प्रवेश कर लिया, जिससे कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।

पहले वाटर कैनन, फिर आंसू गैस का इस्तेमाल
पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। जब किसान वहां से नहीं हटे, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। शाहाबाद में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और किसानों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा। पुलिस द्वारा हाईवे से हटाए जाने के बाद किसानों ने बरारा रोड पर शहीद उधम सिंह स्मारक के पास धरना शुरू कर दिया।

किसानों की मांग, तुरंत शुरू हो धान की खरीद
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को उनकी मांग मानते हुए तुरंत धान की खरीद शुरू करनी चाहिए। किसानों ने पहले हरियाणा सरकार से 15 सितंबर से ही धान खरीद शुरू करने को कहा था। कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक चंदर मोहन, जो मौके पर पहुंचे थे, ने बताया कि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के कुछ ही मिनटों में नेशनल हाईवे-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया।

चढूनी ने लगाया अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप
चढूनी ने पुलिस पर किसानों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि देश का पेट भरने वालों पर हमला किया गया है और वे पाकिस्तानी नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ किसानों पर लाठीचार्ज किया गया और वाटर कैनन का इस्तेमाल हुआ, जिसमें उनके पैर में भी चोट आई है। चढूनी ने कसम खाई कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। दिनभर की झड़प के बाद चढूनी ने एक वीडियो अपील जारी कर और किसानों से शाहाबाद प्रदर्शन स्थल पर शामिल होने की अपील की।

पहले भी दी थी चेतावनी
किसानों ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने 15 सितंबर तक धान खरीद शुरू नहीं की, तो वे सड़क जाम करेंगे। बाद में उन्होंने यह तारीख बढ़ाकर 20 सितंबर कर दी थी। 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में हुई एक बैठक में उन्होंने सरकार से तुरंत खरीद शुरू करने का आग्रह किया था, यह कहते हुए कि मंडियों में फसल पहले से ही आनी शुरू हो चुकी है। किसानों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे 22 सितंबर को सड़कें जाम करेंगे।
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