विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Farmers Turn To Tech To Guard Pomegranates Thieves Keeping Direct Watch On The Orchard From Homes

Pomegranate: महंगे अनारों की चोरों से रखवाली के लिए किसानों ने लिया तकनीक का सहारा, अब घर बैठे बाग पर सीधी नजर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 28 Sep 2026 12:25 PM IST
सार

  • महाराष्ट्र के अनार किसानों ने चोरी रोकने के लिए CCTV कैमरे लगाए
  • सोलर और नाइट विजन कैमरों से रात में भी बाग की निगरानी
  • कैमरे मोबाइल से जुड़े, संदिग्ध हलचल पर फोन पर अलर्ट
  • पारंपरिक रात की गश्त की जगह तकनीक आधारित निगरानी बढ़ी
  • पुणे, सोलापुर, नासिक और अहिल्या नगर में किसानों ने अपनाया तरीका

अनार की रखवाली के लिए किसानों ने लिया कैमरे का सहारा।
अनार की रखवाली के लिए किसानों ने लिया कैमरे का सहारा। - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अनार की चोरों से हिफाजत के लिए किसान सीसीटीवी कैमरे का सहारा ले रहे हैं। बीते साल चोरों ने अनार चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इस साल किसान कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, जिस वजह से   पुणे, सोलापुर, नासिक और अहिल्या नगर के अनार बागवान तकनीक का उपयोग करने लगे हैं। खास बात यह है कि यह कैमरे अनार के पकने के करीब होने के चरण से तुड़ाई के चरण तक कुछ हफ्तों के लिए लगाए जाते हैं।

ये कैमरे सौर उर्जा से चलते हैं रात में भी रिकॉर्ड करने में सक्षम है। बता दें कि प्रदेश में अनार तुड़ाई का सीजन जून महीने में शुरू होता है। बीते तुड़ाई सीजन के दौरान चोरों से प्रभावित इलाकों के बागों में कैमरे महंगे अनारों की सुरक्षा करते दिखाई दिए।

पारंपरिक रखवाली की जगह ले रही तकनीक 
पारंपरिक नजरिए से फसलो ंकी चोरी से रखवाली के लिए गांव के किसान बारी-बारी से खेत-बागों की गशत करते थे। लेकिन, इस मोर्चों पर भी तकनीक दस्तक दे रही है। बाजार में किफायती दाम पर ऐसे कैमरे मिल रहे है, जो किसानों को घर बैठे मोबाइल पर खेत-बाग को लाइव वीडियो भेजते हैं। इन कैमरों में कई दूसरी खासियत भी हैं, जैसे एक अनार बागवान ने अपने खेत में ऐसा कैमरा लगाया है, जो बाग में हलचल होने पर मोबाइल पर अलार्म बजा देता है।
 
भगवा अनार की ऊंची कीमत और चोरी का खतरा
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल जुलाई और अगस्त महीने में पुणे के शिरूर तालुका, सोलापुर जिले के सांगोला, अहिल्या नगर के श्रीरामपुर और नासिक जिले के देवला से उच्च मूल्य वाले बड़े आकार के अनारों की चोरी के कई मामले सामने आए थे। चोरी का मुख्य कारण अनार की बढ़ती कीमतें थीं। भगवा किस्म के अनार को भारत की सबसे बेहतरीन अनार किस्मों में गिना जाता है। अपने गहरे लाल रंग और बेहतर गुणवत्ता के कारण इसे निर्यात भी किया जाता है और बाजार में इसकी कीमत सबसे ज्यादा मिलती है। इसी वजह से यह किस्म चोरों के निशाने पर रहती है। पिछले साल चोरी के मामलों में पुणे और अन्य जगहों से कुछ स्थानीय लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन किसी बड़े सरगना को नहीं पकड़ा जा सका।

तेंदुए का खतरा और किसानों की मजबूरी
सांगोला, शिरूर और देवला के कुछ इलाकों में पारंपरिक रखवाली करना जान को जोखिम में डालने जैसा है, क्योंकि तेंदुए वाले इलाकों में रात के अंधेरे में बागों में घूमना घातक साबित हो सकता है।

 


विज्ञापन
विज्ञापन