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इथेनॉल उद्योग को झटका : मक्का से बने ईंधन की कीमत पहली बार घटी, कंपनियां नाराज

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 21 Oct 2026 08:40 AM IST
सार

  • मक्का आधारित इथेनॉल की कीमत में कटौती। तेल विपणन कंपनियों ने खरीद दर 3 रुपये प्रति लीटर घटाई।
  • इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम शुरू होने के बाद मक्का आधारित इथेनॉल की खरीद दर में पहली बार कटौती हुई।
  • कीमत घटने से मक्का आधारित इथेनॉल बनाने वाली इकाइयों को झटका लगा है।

मक्का
मक्का - फोटो : सोशल मीडिया
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मक्का से इथेनॉल बनाने वाली डिस्टिलरी कंपनियां सरकार के फैसले से नाराज हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने मक्का से बनने वाले इथेनॉल की खरीद कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब मक्का आधारित इथेनॉल की खरीद कीमत घटाई गई है। वहीं, चीनी उद्योग ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन कहा है कि केवल इथेनॉल बनाने वाले संयंत्रों को विशेष प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए।

2026-27 में इथेनॉल की खरीद दरों में बदलाव
इथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2026-27 (ESY) के लिए सरकार ने अलग-अलग कच्चे माल से बनने वाले इथेनॉल की खरीद दरों में बदलाव किया है। सी-हैवी शीरे (C-Heavy Molasses) से बनने वाले इथेनॉल की कीमत 57.97 रुपये प्रति लीटर रखी गई है। वहीं, टूटे चावल जैसे खराब या क्षतिग्रस्त खाद्यान्न से बनने वाले इथेनॉल की खरीद दर 64 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार रखी गई है। ये दोनों दरें पिछले आपूर्ति वर्ष 2025-26 के समान हैं। इसके अलावा, भारतीय खाद्य निगम (FCI) की ओर से बेचे जाने वाले चावल से बनने वाले इथेनॉल की दर में 1.82 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

पहले बढ़ाई गई थी मक्का आधारित इथेनॉल की कीमत
इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के शुरुआती दौर में, आपूर्ति वर्ष 2022-23 के दौरान मक्का से बनने वाले इथेनॉल की खरीद कीमत कम रखी गई थी। इसके बाद इसकी कीमत में बढ़ोतरी की गई। अब पहली बार इसमें 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है, जिससे मक्का आधारित इथेनॉल बनाने वाली डिस्टिलरी कंपनियों में नाराजगी है।

सरकार के इस फैसले का असर मक्का को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करने वाली डिस्टिलरी इकाइयों की कमाई पर पड़ सकता है। वहीं, चीनी उद्योग ने फैसले का स्वागत करते हुए इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी नीतियों में सभी इकाइयों के साथ समान व्यवहार करने की जरूरत पर जोर दिया है।
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