कांग्रेस ने ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम जी में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इस योजना को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर सर्जिकल स्ट्राइक करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अब ग्रामीण कामगारों की गाढ़ी कमाई की चोरी करने में महारत हासिल कर ली है और विभिन्न राज्यों में बिना काम किए ही फर्जी हाजिरी के जरिए सरकारी धन की हेराफेरी की जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा पर प्रहार और महाराष्ट्र में बिना काम हाजिरी का दावा
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के बीड और अन्य जिले वर्तमान में पिछले एक दशक के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहे हैं। ऐसे कठिन समय में मनरेगा ग्रामीण परिवारों के लिए सहायता की गारंटी हुआ करता था, लेकिन उसकी जगह वीबी-जी राम जी योजना को लाना ग्रामीण गरीबों के सामाजिक सुरक्षा ढांचे पर कुठाराघात है।
उन्होंने मीडिया पड़ताल के हवाले से आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर कई ग्रामीणों ने बीते कई महीनों से कोई काम नहीं किया था, फिर भी सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें काम पर उपस्थित दिखाया गया। कांग्रेस नेता का दावा है कि स्थानीय नेता मजदूरों को जानकारी दिए बिना ही उनके नाम पर दर्ज मजदूरी की पूरी रकम आपस में हड़प रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में क्लोन ऐप से फर्जीवाड़े और संगठित लूट का आरोप
उत्तर प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी शासित अन्य राज्यों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वहां कथित ‘क्लोन ऐप’ के जरिए मजदूरों की जाली हाजिरी लगाई जा रही है और जालसाजी करके सरकारी खजाने से पैसा निकाला जा रहा है।
जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि यह महज साधारण प्रशासनिक भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि श्रमिकों की मजदूरी की एक ‘व्यवस्थित चोरी’ है। उन्होंने केंद्र पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वोट हासिल करने के तौर-तरीकों के बाद अब सरकार ने ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी पर डाका डालने का नया तंत्र तैयार कर लिया है।