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Home› Khabar Junction› Maharashtra Minister Appeals To Farmers Suffering From Drought Do Not Despair Do Not Take Steps Like Suicid

Maharashtra: सूखे से जूझ रहे किसानों से मंत्री की अपील, निराश न हों, आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं, मदद का भरोसा

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 11 Oct 2026 09:10 AM IST
सार

  • महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों को मदद का भरोसा
  • लातूर में सोयाबीन की फसल के नुकसान का लिया जायजा
  • सूखे की स्थिति का आकलन कर रही केंद्रीय टीम
  • किसानों के लिए राहत सहायता की घोषणा जल्द होने की उम्मीद
  • पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर जोर

महाराष्ट्र सरकार ने सूखे की मार झेलने वाले किसानों को मदद का भरोसा दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे की मार झेलने वाले किसानों को मदद का भरोसा दिया है। - फोटो : गांव जंक्शन
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महाराष्ट्र के कई तहसीलों में सूखे की मार के बीच प्रदेश सरकार ने प्रभावित किसानों को सहायता देने की बात कही है। राज्य के लोक निर्माण मंत्री  शिवेंद्र सिंह राजे भोसले ने शनिवार को कहा कि सरकार हर प्रभावित किसान की मदद के लिए प्रतिबद्ध है और किसी को भी सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से निराश न होने और आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाने की अपील भी की।

भोसले ने जिले के कई इलाकों का दौरा किया और उदगीर तहसील के शेकापुर में सोयाबीन की फसल को हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सूखे की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मुख्यमंत्री मराठवाड़ा और विदर्भ का दौरा कर किसानों की समस्याओं को समझ चुके हैं।

सूखे का आकलन कर रही केंद्रीय टीम
भोसले के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और संकट के समय किसानों की मदद करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने लातूर जिले के अहमदपुर स्थित महादेववाड़ी, चाकूर के आष्टा मोड़, जालकोट के बेलसांगवी, कोलपा और महाराणा प्रताप नगर का भी दौरा किया।

उन्होंने बताया कि सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम महाराष्ट्र के दौरे पर है। टीम ने पिछले दो दिनों में मराठवाड़ा के कई स्थानों का निरीक्षण किया है। केंद्रीय टीम और मुख्यमंत्री के बीच बैठक होनी है। भोसले के मुताबिक, किसानों के लिए सहायता की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर जोर
सूखे के बीच लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए बोरवेल और कुओं की मरम्मत जैसे उपाय किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पानी के वैकल्पिक स्रोतों की पहचान की जा रही है। भोसले ने बताया कि पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने की भी योजना बनाई जा रही है। इसके लिए पशुपालन विभाग जरूरी कदम उठा रहा है, ताकि सूखे की स्थिति में पशुओं के चारे की जरूरत पूरी की जा सके। राज्य सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को सहायता देने का भरोसा दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में राहत राशि, पात्र किसानों की संख्या और सहायता मिलने की तारीख का विवरण नहीं दिया गया है।


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