विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Cm Fadnavis Meets Drought Hit Farmers Issues Directives To Release Relief Orders By Saturday Read More

सूखे की मार झेल रहे किसानों से मिले CM फडणवीस : शनिवार तक राहत आदेश जारी करने के दिए निर्देश, जानें...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 24 Sep 2026 11:52 AM IST
सार

  • महाराष्ट्र के मराठवाड़ा समेत कई हिस्सों में कम बारिश से किसानों को फसल नुकसान उठाना पड़ा है
  • फसल नुकसान के अलावा पानी और चारे की उपलब्धता को लेकर भी चिंता है। 
  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर किसानों को सरकारी मदद का भरोसा दिया है।
  • मुख्यमंत्री ने राहत से जुड़ा पहला आदेश शनिवार तक जारी करने का आदेश दिया है।

सूखे की मार झेल रहे किसानों से मिले सीएम देवेंद्र फडणवीस।
सूखे की मार झेल रहे किसानों से मिले सीएम देवेंद्र फडणवीस। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मराठवाड़ा के लातूर, सोलापुर और धाराशिव की सूखा प्रभावित तहसीलों का दौरा किया। उन्होंने वहां बारिश की कमी के कारण फसल बर्बादी, पानी और चारे के संकट का सामना कर रहे किसानों से मुलाकात की और उन्हें सरकारी मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस हालात को सुपर अल नीनो का प्रभाव बताते हुए बेहद गंभीर बताया। सरकार ने नुकसान का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने के लिए जल्द ही पंचनामा शुरू करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत से जुड़ा सरकार का पहला आदेश शनिवार तक जारी कर दिया जाए।

बारिश में भारी कमी, फसलों को 80 से 90% तक नुकसान
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 21 सितंबर के बीच महाराष्ट्र में औसत की मात्र 80.82 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। सोलापुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां बारिश में 56 प्रतिशत की कमी आई है और 21 से 43 दिनों तक बिल्कुल सूखा रहा। इसके अलावा, लातूर और धाराशिव में 50 प्रतिशत, जबकि मराठवाड़ा के बीड और परभणी में 35 से 40 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

इस सूखे का सबसे बुरा असर फसलों पर पड़ा है। सरकारी अनुमान के मुताबिक, फसलों को 60 प्रतिशत से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मूंग और उड़द के उत्पादन में 80 से 90 प्रतिशत, जबकि बाजरा, मक्का और अरहर (तुअर) में 60 से 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आने की आशंका है। बारिश न होने के कारण सोयाबीन की फसल भी अंकुरित होने के बाद सूख गई है।

'किसानों के आंसू पोंछना सरकार का पहला काम'
सूखे खेतों और सूखे कुओं का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, किसानों में निराशा और पीड़ा है, लेकिन मैंने उन्हें बताया है कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार के अनुसार, सूखा राहत के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और बिना किसी भेदभाव के सभी किसानों की मदद की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने साफ किया, "किसानों के आंसू पोंछना सरकार का पहला कर्तव्य है। हम राष्ट्रीय आपदा नियमों के तहत केंद्र सरकार से फंड जरूर मांगेंगे, लेकिन किसानों को केंद्र के फंड का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार तुरंत अपने खजाने से मदद देना शुरू करेगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कर्ज माफी की योजना भी चालू है और इसे बंद नहीं किया जाएगा।

पीने के पानी और चारे पर विशेष ध्यान
बारिश कम होने से कुओं और जलाशयों का जलस्तर काफी गिर गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता पीने का पानी उपलब्ध कराना है। सरकार के अनुसार, दिसंबर तक के लिए पीने के पर्याप्त पानी का इंतजाम कर लिया गया है और इसे जून तक बचाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने माना कि पीने के पानी का संकट है, लेकिन उन्होंने आश्वस्त किया कि इसके साथ-साथ मवेशियों के लिए चारे की भी पूरी व्यवस्था की जा रही है।


विज्ञापन
विज्ञापन