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Cleanliness Not Just About Cleanliness Become Habit Shivraj Stresses Public Participation From Villages To Off
स्वच्छता सिर्फ सफाई नहीं, आदत बने : शिवराज सिंह चौहान ने गांव से दफ्तर तक जनभागीदारी पर दिया जोर
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Thu, 01 Oct 2026 05:02 PM IST
सार
शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत चल रही गतिविधियों और आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वच्छता को सिर्फ अभियान की अवधि तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे लोगों के रोजमर्रा के व्यवहार और जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से खुद पहल करने और कार्यालयों, गांवों, पंचायतों तथा कार्यस्थलों पर लगातार स्वच्छता गतिविधियां चलाने का आह्वान किया।
शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत चल रही गतिविधियों और आगामी योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों, पंचायतों और फील्ड कार्यालयों को अभियान से प्रभावी रूप से जोड़ने के साथ किसानों, ग्रामीणों, सफाई कर्मियों, मीडिया और अन्य संबंधित लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
काम का हो स्पष्ट परिणाम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छता गतिविधियां केवल औपचारिकता बनकर न रह जाएं। इनके स्पष्ट और मापने योग्य परिणाम सामने आने चाहिए। अभियान के दौरान किए गए कार्यों का रिकॉर्ड रखा जाए और जहां संभव हो, काम से पहले और बाद की तस्वीरों के जरिये उपलब्धियां दर्ज की जाएं।
पुराने सामान से मिला 15 लाख रुपये राजस्व
बैठक में कृषि विभाग ने बताया कि पुराने फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निस्तारण व नीलामी से करीब 15 लाख रुपये का राजस्व मिला है। अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्रमदान के जरिए भी सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया। वहीं, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाने की कार्ययोजना भी साझा की गई।
2 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान
बैठक में बताया गया कि 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें लंबित फाइलों और मामलों का निस्तारण, पुराने स्क्रैप और ई-वेस्ट को हटाना, कार्यालयों में जगह का बेहतर इस्तेमाल और अनुपयोगी सामान को हटाना शामिल है। अनुपयोगी कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान कर उनका नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा भी होगी।
कृषि संस्थानों और केवीके में भी अभियान
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने बताया कि पूसा परिसर में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चल रहा है। इसमें अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी हिस्सा ले रहे हैं। सभी ICAR संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) में भी स्वच्छता गतिविधियां की जा रही हैं।
कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिये किसानों और ग्रामीण समुदायों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्रा, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल और भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव पी. नरहरि समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वच्छता की सफलता सिर्फ परिसर साफ करने से तय नहीं होगी। व्यवहार में बदलाव, लोगों की भागीदारी और लंबे समय तक बने रहने वाले परिणाम ही स्वच्छता अभियान का वास्तविक असर दिखाएंगे।
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