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Rural Market: कमजोर मानसून का असर दिखा, सितंबर में लुढ़की ट्रैक्टरों की बिक्री, बचत पर उतरे किसान...

गांव जंक्शन डेस्क, चंडीगढ़ Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 01 Oct 2026 05:13 PM IST
सार

  • इस साल मानसून की बारिश सामान्य से 12.6 प्रतिशतब कम रही।
  • कमजोर मानसून का असर सितंबर में ग्रामीण मांग और किसानों के खर्च पर दिखा।
  • महिंद्रा और एस्कॉर्ट्स कुबोटा की ट्रैक्टर बिक्री में गिरावट दर्ज हुई।
  • बजाज ऑटो की घरेलू दोपहिया बिक्री भी सितंबर में घटी।
  • इसके विपरीत शहरी मांग के चलते यात्री वाहनों की बिक्री मजबूत रही।

कमजोर मानसून ने सितंबर में गिराई ट्रैक्टरों की बिक्री।
कमजोर मानसून ने सितंबर में गिराई ट्रैक्टरों की बिक्री। - फोटो : AI
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विस्तार
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भारत में पिछले एक दशक के सबसे कमजोर मानसून का सीधा असर सितंबर महीने में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के खर्च पर पड़ा है। इसके चलते ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर त्योहारी सीजन से पहले शहरी क्षेत्रों में यात्री वाहनों (कार आदि) की मांग काफी मजबूत बनी हुई है।

आंकड़ों के अनुसार, जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून से भारत में साल भर की लगभग 70 प्रतिशत बारिश होती है। लेकिन इस साल यह बारिश सामान्य से 12.6 प्रतिशत कम रही। इससे एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भारत में फसल की पैदावार, ग्रामीण मांग और खाने-पीने की चीजों की महंगाई को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों की बिक्री में बड़ी गिरावट
देश की प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों में शामिल महिंद्रा की सितंबर महीने में ट्रैक्टर की बिक्री में 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, एक अन्य प्रमुख कंपनी एस्कॉर्ट्स कुबोटा की बिक्री भी 16.7 प्रतिशत घटी है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा के अनुसार, अनियमित बारिश और मानसूनी फसलों की कम बुआई के कारण उनके व्यापार पर यह बुरा असर पड़ा है।

ग्रामीण मांग पर निर्भर रहने वाले दोपहिया वाहनों का भी यही हाल है। सितंबर महीने में बजाज ऑटो की घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

खेती की लागत घटा रहे किसान, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
कृषि क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी रैलिस इंडिया के मुताबिक, कमजोर मानसून और खराब फसल के कारण किसान अपनी नकदी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से वे कीटनाशकों, उर्वरकों और बीजों की खरीद कम कर रहे हैं।

बाजार जानकारों के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में असमान बारिश और सूखे जैसे हालात ने कृषि अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह कमजोरी मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में दिखाई दे रही है जो सीधे ग्रामीण मांग से जुड़े हैं, जैसे कि दोपहिया वाहन और ट्रैक्टर।

त्योहारों में देरी और शहरी मांग से यात्री वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री
वाहन बिक्री में गिरावट का एक कारण त्योहारी सीजन का देर से शुरू होना भी माना जा रहा है। पिछले साल त्योहार सितंबर में शुरू हुए थे, जिससे वाहनों और दूसरी महंगी चीजों की बिक्री बढ़ी थी, लेकिन इस साल यह त्योहारी सीजन अक्तूबर में है।

हालांकि, इन सबके बीच शहरी मांग के दम पर यात्री वाहनों (कारों) की बिक्री काफी मजबूत रही है। हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी रिकॉर्ड मासिक बिक्री दर्ज की है। इसके साथ ही मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल और 'महिंद्रा एंड महिंद्रा' ने भी अपनी कारों की बिक्री में दहाई अंक की शानदार वृद्धि दर्ज की है।


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