चीन में घरेलू स्तर पर विकसित गन्ना काटने वाली मशीनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती मजदूरी और खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलने से इन मशीनों को बाजार मिल रहा है। खास बात यह है कि चीन की कंपनियां अब आयातित मशीनों को टक्कर देने के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों में भी अपनी मशीनें भेज रही हैं।
रतोपाती की रिपोर्ट के मुताबिक, हेनान प्रांत की लुओयांग चेनहान कृषि उपकरण प्रौद्योगिकी कंपनी के पास चीन के गन्ना कटाई मशीन बाजार का करीब आधा हिस्सा है। कंपनी वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया, कोस्टा रिका और वेनेजुएला समेत कई देशों को अपनी मशीनों का निर्यात करती है।
आठ साल की मेहनत के बाद तैयार हुई मशीन
कंपनी की शुरुआत पूर्व इंजीनियर झांग चांगजियान ने की थी। उन्होंने 2008 में घरेलू गन्ना कटाई मशीन बनाने पर काम शुरू किया। मशीन को बाजार में उतारने में करीब आठ साल लगे। झांग और उनकी टीम ने दक्षिणी चीन के ग्वांग्शी में खेतों में लंबे समय तक मशीन का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान मशीन को कीचड़ वाले खेतों, तूफान से क्षतिग्रस्त गन्ने और ढलान वाले खेतों में चलाया गया। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मशीन में कई बदलाव किए गए।
मजदूरी बढ़ी तो मशीनों की मांग भी बढ़ी
चीन में खेती की लागत कम करने और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए मशीनीकरण पर जोर दिया जा रहा है। बढ़ती मजदूरी ने भी किसानों और कंपनियों को मशीनों की ओर बढ़ाया है। झांग के मुताबिक, 2008 में एक मजदूर करीब 25-30 युआन में एक दिन में लगभग एक टन गन्ना काट लेता था। अब इतनी ही मात्रा की कटाई की मजदूरी बढ़कर 180-250 युआन हो गई है। इसके मुकाबले कंपनी की हार्वेस्टर मशीनें एक दिन में 100 टन से ज्यादा गन्ना काट सकती हैं। यानी एक मशीन करीब 100 मजदूरों के बराबर काम कर सकती है।
आयातित मशीनें चीन के खेतों के लिए नहीं थीं उपयुक्त
चीन ने शुरुआत में गन्ना कटाई के लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मशीनों पर भरोसा किया। लेकिन ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के बड़े और समतल खेतों के लिए तैयार की गई ये मशीनें चीन के छोटे और कई जगह ढलान वाले खेतों में आसानी से काम नहीं कर पाती थीं।
इसी समस्या को देखते हुए चेनहान ने चीन के स्थानीय खेतों के हिसाब से 'काटने और तोड़ने' वाली कटाई प्रणाली विकसित की। इससे छोटे और कठिन खेतों में भी मशीन से गन्ने की कटाई करना आसान हुआ।
बेटी की पढ़ाई के पैसे भी मशीन बनाने में लगाए
मशीन विकसित करने के दौरान झांग को आर्थिक मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। परियोजना को जारी रखने के लिए उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए बचाए गए पैसे तक इस काम में लगा दिए। कंपनी ने 2015 में अपना पहला हार्वेस्टर तैयार किया और 2016 में इसे व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारा। पहले ही साल कंपनी ने 30 से ज्यादा मशीनें बेचीं। अगले साल इसकी वार्षिक बिक्री 150 मशीनों से अधिक हो गई।
2019 से शुरू किया निर्यात
चेनहान ने 2019 में गन्ना कटाई मशीनों का निर्यात शुरू किया। इसके बाद कंपनी ने वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया, कोस्टा रिका और वेनेजुएला जैसे देशों में मशीनें भेजीं। अब कंपनी की कुल आय में निर्यात की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है।
कंपनी ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से मशीनों में बदलाव भी करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए चेनहान अब स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम, हाइब्रिड पावर तकनीक और कम ईंधन खपत वाली मशीनों पर भी काम कर रही है।
चीनी की मांग और उत्पादन में अंतर
कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्रालय के तहत काम करने वाली चीनी कृषि आउटलुक समिति के अनुसार, 2024/25 विपणन वर्ष में चीन ने करीब 11.2 मिलियन टन चीनी का उत्पादन किया, जबकि खपत करीब 15.7 मिलियन टन रही। उत्पादन और खपत के बीच इस अंतर को पूरा करने के लिए चीन ने करीब 4.6 मिलियन टन चीनी का आयात किया।
ऐसे में घरेलू गन्ना उत्पादन और कटाई में मशीनीकरण को बढ़ावा देना चीन के लिए अहम हो गया है। बढ़ती मजदूरी और खेती की लागत के बीच स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल गन्ना हार्वेस्टर इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।