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हरियाणा में किसान महापंचायत: धान खरीद और गन्ने के दाम पर टिकैत की हुंकार, SKM लेगा आंदोलन पर बड़ा फैसला

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 05 Oct 2026 01:31 PM IST
सार

  • यमुनानगर में राकेश टिकैत ने किसान महापंचायत को संबोधित किया।
  • धान खरीद और गन्ने के दाम किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल।
  • टिकैत ने पोर्टल और जटिल प्रक्रियाओं से किसानों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया।
  • किसानों ने DM, DC और मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग रखी।a

किसान आंदोलन में राकेश टिकैत (फाइल फोटो)
किसान आंदोलन में राकेश टिकैत (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को हरियाणा के यमुनानगर में किसानों की महापंचायत को संबोधित किया। महापंचायत में धान की खरीद और गन्ने के दाम समेत किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। टिकैत ने कहा कि अगर किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) 12 अक्टूबर की बैठक में आगे की रणनीति तय करेगा।

हरियाणा के किसानों की समस्याएं उठाईं
ANI से बातचीत में टिकैत ने कहा कि हरियाणा के किसान कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले हरियाणा में किसानों को फसल बेचने के लिए बेहतर दाम मिलते थे और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के किसान भी यहां अपनी फसल बेचने आते थे। टिकैत ने कहा कि पहले किसान बिना ज्यादा कागजी प्रक्रिया के धान और गन्ना बेच पाते थे, लेकिन अब पोर्टल और दूसरी प्रक्रियाओं के कारण किसानों को परेशानी हो रही है।

धान और गन्ने के दाम का मुद्दा
टिकैत ने कहा कि हरियाणा को पहले धान और गन्ने के अच्छे दाम के लिए जाना जाता था। उनके मुताबिक अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रख दी हैं और स्थानीय किसानों के लिए जिलाधिकारी (DM), उपायुक्त (DC) और मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग की गई है।

सरकार पर लगाए आरोप
टिकैत ने सरकार पर उद्योगपतियों के हित में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्हें किसान ‘काले कानून’ कहते थे, उनकी नीतियों का असर अभी भी दिखाई दे रहा है।

सड़क जाम के आरोप पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि किसानों ने रास्ता कहां रोका था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों से मिलने के लिए शुरुआत में बाहर नहीं आए। उन्होंने कहा कि किसान तेज धूप में अपनी मांगों को लेकर बैठे थे और प्रशासन को किसानों की समस्याएं सुननी चाहिए।

12 अक्टूबर को तय होगी आगे की रणनीति
टिकैत ने कहा कि फिलहाल किसानों ने अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। उन्होंने मांग की कि अगले दिन तक DM और स्थानीय DC से किसानों की बैठक कराई जाए और स्थानीय किसानों की मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय तय किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर को SKM की बैठक में आगे के आंदोलन पर बड़ा फैसला लिया जाएगा।
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