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मुर्गियों का दाना हुआ महंगा : पॉलट्री उद्योग की सरकार से आयोग बनाने की मांग, बड़े व्यापारियों पर गिरेगी गाज?

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sat, 31 Oct 2026 03:39 PM IST
सार

  • खरीफ सीजन में सोयाबीन और मक्का उत्पादन घटने की आशंका से पोल्ट्री फीड 25% तक महंगा हुआ।
  • मुर्गियों के चारे का भाव बढ़कर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल पहुंचा।
  • ब्रॉयलर चिकन उत्पादन लागत बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।
  • पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने सरकार से मक्का और चारे की कमी का आकलन करने के लिए आयोग बनाने की मांग की है
  • उद्योग सरकार से बड़े व्यापारियों से स्टॉक और बिक्री की दैनिक रिपोर्टिंग लेने की मांग भी कर रहा है

मुर्गी दाने की लागत में बढ़ोतरी से पोल्ट्री उद्योग पर लागत का दबाव बढ़ा।
मुर्गी दाने की लागत में बढ़ोतरी से पोल्ट्री उद्योग पर लागत का दबाव बढ़ा। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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खरीफ सीजन में कम बारिश ने पोल्ट्री क्षेत्र की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। बाजार में सोयाबीन और मक्का उत्पादन में गिरावट की संभावनाओं के चलते मुर्गियों का दाना महंगा हो गया है। उद्योग जानकारों के अनुसार, चारे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण जल्द देशभर में अंडे और चिकन के दाम बढ़ सकते हैं। 

चारे के दाम में भारी उछाल और उत्पादन की लागत बढ़ी
उद्योग जानकारों के अनुसार, बीते एक महीने के मुकाबले मुर्गी दाने की कीमतों में 25 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इस बढ़त के साथ मुर्गी दाने का दाम 5,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। दाने की लागत में बढ़ोतरी का दौर जारी रहने से चिकन और अंडे की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी संभव है।

अंडा बाजार में तेजी, खुदरा दाम 8 प्रतिशत बढ़ा 
दूसरी तरफ, उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी सेल के अनुसार, गुरुवार को अंडों की औसत खुदरा कीमत 84.93 रुपये प्रति दर्जन तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 8 प्रतिशत अधिक है। राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति के अनुसार, अक्तूबर में दिल्ली-एनसीआर के लिए अंडे का औसत फार्म-गेट दाम 5.85 रुपये प्रति नग था। सर्दियों में मांग बढ़ने और चारे की कीमत अधिक होने के कारण अगले महीने अंडे और महंगे हो सकते हैं।

अभी आम लोगों तक नहीं पहुंचा बढ़ती लागत का बोझ
चिकन के लिए पाली जाने वाली ब्रॉयलर मुर्गीयों की मौजूदा लागत उत्पादन लागत से भी कम है, ऐसे में आगामी समय में लागत का भार आम लोगों तक पहुंच सकता है। व्यापारियों के अनुसार, दिल्ली क्षेत्र में ब्रॉयलर चिकन का फार्म पर भाव वर्तमान में 95 से 105 रुयपे प्रति किलो है, जबकि चारा महंगा होने से मुर्गी को तैयार करने की लगात 110 रुपये प्रति किलो तक आ रही है।  वहीं, खुदरा बाजार में चिकन 280 से 300 रुपये प्रति किलो है। सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों में सितंबर महीने के दौरान चिकन की खुदरा महंगाई दर सालाना हिसाब से 8.41 प्रतिशत दर्ज की गई।

बारिश की कमी से मक्का और सोयाबीन के भाव में तेजी
जानकारों के अनुसार, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के प्रमुख उत्पादक जिलों में कम बारिश के कारण सोयाबीन का भाव 7,000 रुपये प्रति टन के आसपास चल रहा है, जबकि 2026-27 सीजन के लिए सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 5,708 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इसी तरह, इथेनॉल बनाने वाली कंपनियों की बढ़ती मांग और उत्पादन में कमी की आशंका के कारण मक्के का भाव 3,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जबकि इसका एमएसपी 2,410 रुपये प्रति क्विंटल है।

मुर्गी दाने के बाजार में सरकार की दखल बढ़ाने की मांग
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया ने प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रस्ताव भेजकर मक्के और चारे की कमी का आकलन करने के लिए आयोग बनाने की मांग की है। इसके अलावा बड़े व्यापारियों के स्टॉक और बिक्री की दैनिक रिपोर्टिंग की मांग की है। दूसरी तरफ सोपा सरकार से बिना शुल्क के 30 लाख टन जीएम सोयाबीन खली विदेश से मखाने की मांग कर रहा है। 
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