कर्नाटक के CM डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र को गन्ने और चीनी की दरें तय करनी चाहिए। किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान प्रदेश के कई जिलों में किसान अपनी उपज के लिए 5,500 रुपये प्रति टन के लाभकारी मूल्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पीएम मोदी से बात की है और अपना प्रस्ताव भेजते हुए पत्र भी लिखा है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस मसले को सुलझाने के लिए प्रयास करने का भरोसा दिया है।
किसानों का आंदोलन प्रतिष्ठा का विषय नहीं
मुख्यमंत्री ने इससे पहले कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर हुए पत्राचार के बाद राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई और गन्ना किसानों की समस्याओं को सुलझाने के लिए पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी। सीएम ने कहा कि किसानों का यह आंदोलन किसी की प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनना चाहिए। प्रदेश सरकार मिल मालिकों और मामले से जुड़े मंत्रियों संग बैठकें करके इस मसले का हल निकालने का पूरा प्रयास कर रही है।
सीएम के अनुसार, मिल मालिकों और मंत्रियों के बीच बैठक कर इस पर चर्चा हुई है। मिल मालिकों ने पेराई के दौरान सुरक्षा पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर राज्य सरकार भी अदालत में पैरवी कर रही है। इसके साथ ही शिवकुमार ने आंदोलनकारी किसानों से सरकार के साथ सीधे टकराव से बचने और अपनी मांगों को सामने रखते समय शिष्टाचार व शालीनता बनाए रखने की अपील की है।
13 नवंबर को प्रधानमंत्री का दौरा और मेट्रो परियोजना
13 नवंबर को बेंगलुरु मेट्रो के उद्घाटन के लिए पीएम मोदी के प्रस्तावित कर्नाटक दौरे पर शिवकुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खुद उन्हें आमंत्रित किया है। उन्होंने भाजपा पर इस परियोजना का अनावश्यक श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह आम जनता का पैसा है और इसे कर्ज लेकर तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 13 नवंबर को प्रधानमंत्री के आगमन पर राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उनके सामने रखे जाएंगे।
दिल्ली में पार्टी की बैठक और कनकपुरा का दौरा
अपने दिल्ली दौरे के संबंध में शिवकुमार ने जानकारी दी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगे की कार्ययोजना पर चर्चा के लिए सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। वह शाम को होने वाली लगभग एक से डेढ़ घंटे की इस बैठक में भाग लेने जा रहे हैं। वहीं, कनकपुरा के अपने अगले दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह दो से तीन दिनों के बाद वहां जाएंगे।