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Home› Khabar Junction› Basmati Rice Gets A Boost From Strong Demand In Gulf Countries Prices Reach Up To 5 500 Per Quintal Breakin

खाड़ी देशों में भारी मांग से महका बासमती : ₹5,500 प्रति क्विंटल तक पहुंचे भाव, 2013-14 का टूटा रिकॉर्ड...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 27 Oct 2026 08:53 AM IST
सार

  • हरियाणा की मंडियों में प्रीमियम बासमती धान के भाव 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे।
  • पानीपत की मतलौडा मंडी में पूसा 1121 किस्म 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी।
  • किसानों को पिछले साल के मुकाबले 1,000 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तक ज्यादा भाव मिल रहा है।
  • बासमती के दाम बढ़ने से किसानों को प्रति एकड़ 20,000 से 30,000 रुपये तक अतिरिक्त मुनाफा हो रहा है।

बासमती चावल के बाजार भाव ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड
बासमती चावल के बाजार भाव ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड - फोटो : AI Image
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विस्तार
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हरियाणा में धान की कटाई के मौजूदा सीजन में प्रीमियम बासमती उगाने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य की कई अनाज मंडियों में लंबी और खुशबूदार बासमती किस्मों के दाम 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए हैं। इससे बाजार में खुले तौर पर अपनी फसल बेचने वाले किसानों को बेहतरीन मुनाफा मिल रहा है।

मंडियों में तय की गई नई कीमतें
राज्य की विभिन्न मंडियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार, पूसा 1121, पूसा 1718 और मुछल जैसी प्रीमियम किस्मों के भाव लगभग 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। हिसार जिले की बरवाला मंडी में पूसा 1121 का अधिकतम भाव 5,471 रुपये रहा, जबकि पानीपत के बापौली में यह 5,391 रुपये और मतलौडा में 5,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। इसके अलावा, पलवल की हसनपुर मंडी में 5,050 रुपये और फरीदाबाद की बल्लभगढ़ मंडी में 5,201 रुपये का भाव मिला। वहीं, झज्जर की बेरी मंडी में पूसा 1509 किस्म ने 4,511 रुपये प्रति क्विंटल का उच्चतम भाव प्राप्त किया।

किसानों की आमदनी में जोरदार बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान भाव सामान्य कीमतों से लगभग 1,000 से 1,500 रुपये प्रति क्विंटल अधिक हैं। इससे किसानों को प्रति एकड़ 20,000 से 30,000 रुपये का अतिरिक्त मुनाफा हो रहा है। हरियाणा में बासमती की पैदावार औसतन 18 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। 4,500 से 5,300 रुपये का भाव मिलने पर किसानों को 81,000 रुपये से लेकर 1.6 लाख रुपये प्रति एकड़ तक की कुल कमाई हो रही है। पिछले साल बासमती का भाव 3,500 से 4,600 रुपये के बीच था।

यमुनानगर के रादौर के एक युवा किसान अंकुश संसारवाल के अनुसार, उनकी याद में ऐसा पहली बार हुआ है जब मुछल किस्म 5,000 रुपये के पार गई है। किसान के अनुसार उन्होंने अपनी पांच एकड़ की फसल 4,700 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेची है, जिससे उन्हें 1.10 लाख रुपये प्रति एकड़ से अधिक की कमाई हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और निर्यात का प्रभाव
व्यापारियों के अनुसार, कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती की कीमतों का बढ़ना और भारत से होने वाले निर्यात में अचानक आई तेजी है। ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (AIREA) के अनुसार, बासमती उगाने वाले किसानों (विशेषकर पंजाब में) को पिछले साल की तुलना में लगभग 53% अधिक कीमत मिल रही है। ईरान-अमेरिका विवाद के बीच खाड़ी देशों में बासमती की मांग बढ़ी है। हालांकि, निर्यातकों के सामने अभी भी माल ढुलाई और समुद्री रास्तों से जुड़े जोखिम बने हुए हैं। रामपाल नामक एक व्यापारी के अनुसार, बासमती एक निर्यात आधारित फसल है, इसलिए इसकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय मांग, निर्यात नीति और मंडियों में आवक पर काफी हद तक निर्भर करती हैं।

गुणवत्ता पर निर्भर हैं दाम
पूसा 1121 अपनी लंबाई और पकने के बाद की बेहतरीन गुणवत्ता के कारण घरेलू और विदेशी बाजारों में निर्यातकों और राइस मिलरों की पहली पसंद बनी हुई है। बाजार में फसल की कीमत अनाज की गुणवत्ता, नमी की मात्रा और किस्म पर निर्भर करती है। यह आम धान की तरह सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं खरीदी जाती, बल्कि इसे खुले बाजार में बेचा जाता है। हरियाणा के प्रमुख बासमती उत्पादक क्षेत्रों में करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, फतेहाबाद और यमुनानगर शामिल हैं। वर्ष 2013-14 के बाद यह पहला मौका है, जब बासमती की कीमतें 5,000 रुपये के आंकड़े को पार कर गई हैं।


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