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अमेरिका के बाद कनाडा-UAE की बारी : दुनिया के बाजारों में पहुंचेगी उत्तराखंड की हल्दी और चकराता राजमा

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 26 Oct 2026 07:29 PM IST
सार

उत्तराखंड की हल्दी और चकराता राजमा नवंबर के अंत तक कनाडा और UAE के बाजारों में पहुंच सकते हैं। जानें अमेजन ग्लोबल, वॉलमार्ट और हाउस ऑफ हिमालयाज से पहाड़ी उत्पादों को कैसे मिलेगा नया बाजार।

दुनिया के बाजारों में पहुंचेगी उत्तराखंड की हल्दी और चकराता राजमा
दुनिया के बाजारों में पहुंचेगी उत्तराखंड की हल्दी और चकराता राजमा - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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उत्तराखंड के पहाड़ों में उगने वाली हल्दी और चकराता राजमा की खुशबू अब कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाजारों तक पहुंचने वाली है। राज्य के इन खास उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अमेजन ग्लोबल और वॉलमार्ट के जरिए बेचने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कंपनियों के साथ बातचीत अंतिम दौर में है। उम्मीद है कि नवंबर 2026 के अंत तक इन बाजारों में उत्पादों की बिक्री शुरू हो जाएगी।

इस पहल से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को विदेशों में नए ग्राहक मिल सकते हैं। इससे किसानों और महिला उत्पादकों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। राज्य सरकार अब पहाड़ी उत्पादों को अमेरिका के बाद कनाडा, UAE और आगे यूरोप के बाजारों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

अमेरिका के बाद अब कनाडा और UAE पर नजर
उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कंपनियों के माध्यम से पहले ही अमेरिका में उपलब्ध हो चुके हैं। अब इनके बाजार का विस्तार किया जा रहा है। कनाडा और UAE के बाद यूरोप के अलग-अलग देशों में भी इन उत्पादों को पहुंचाने की योजना है।

इसके साथ ही न्यूजीलैंड में भारतीय दूतावास के माध्यम से भी उत्तराखंड के उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि पहाड़ों के पारंपरिक उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जगह मिले।

हल्दी और चकराता राजमा की सबसे ज्यादा मांग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्तराखंड की हल्दी और चकराता राजमा को सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले उत्पादों में बताया गया है। अमेजन ग्लोबल और वॉलमार्ट पर इनकी मांग अच्छी है। इनके अलावा मुनस्यारी राजमा, लाल चावल और पहाड़ी दालें भी लोगों को पसंद आ रही हैं।

कृषि उत्पादों के साथ उत्तराखंड के हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े सामान भी विदेशी बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं। इससे स्थानीय किसानों, कारीगरों और महिला समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

हाउस ऑफ हिमालयाज से 6 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री
उत्तराखंड सरकार ने पहाड़ी उत्पादों को एक पहचान देने और बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड शुरू किया था। इसके जरिए अब तक 6 करोड़ रुपये से अधिक के स्थानीय उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ने से इन उत्पादों की बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार करने वाले किसानों और महिलाओं को फायदा मिल सकता है।

ग्राम्य विकास विभाग की अपर सचिव झरना कामठान के अनुसार, उत्तराखंड के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है। बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता बढ़ने से इनकी पहुंच और बिक्री बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य के उत्पादों को दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल से उत्तराखंड के पारंपरिक कृषि उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए कमाई के अवसर बढ़ने की संभावना है।
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