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आंध्र प्रदेश: गरीबों को 3 लाख पक्के घरों की सौगात, 3D तकनीक से बनेंगे मकान, शिवराज ने रखी परियोजना की आधारशिला

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 04 Oct 2026 03:40 PM IST
सार

  • आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 2.0 के तहत 3 लाख पक्के मकानों को मंजूरी।
  • बुर्रीपालेम और ओबुलनायडुपालेम में 3D कंक्रीट तकनीक से घर बनाने की पायलट परियोजना शुरू।
  • केंद्र के अनुसार 3D तकनीक से घर करीब छह महीने में तैयार किए जा सकेंगे।
  • राज्य में 23 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, संख्या 60 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य।

आंध्र प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए 3 लाख पक्के मकानों को मंजूरी दी गई है।
आंध्र प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए 3 लाख पक्के मकानों को मंजूरी दी गई है। - फोटो : सोशल मीडिया
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आंध्र प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए 3 लाख पक्के मकानों को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को गुंटूर जिले के बुर्रीपालेम में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार मिलकर प्रदेश के हर गरीब परिवार को पक्का घर देने के लिए काम कर रही है।

इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 2.0 के तहत 3 लाख पक्के मकानों की योजना की शुरुआत की। साथ ही देश की पहली 3D कंक्रीट प्रिंटिंग हाउसिंग पायलट परियोजना की आधारशिला भी रखी गई। इस परियोजना पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

76 हजार के बजाय मिले 3 लाख मकान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले आंध्र प्रदेश के लिए करीब 76 हजार मकानों का कोटा तय था। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के गरीब परिवारों के लिए ज्यादा मकानों की मांग रखी। इसके बाद केंद्र सरकार ने 76 हजार के बजाय 3 लाख पक्के मकानों को मंजूरी दी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आगे 6 लाख और मकानों की जरूरत बताई है। चौहान ने कहा कि पहले 3 लाख मकानों का काम पूरा होने के बाद जरूरत के अनुसार अगले चरण में 3-3 लाख मकान और मंजूर किए जाएंगे। उनका दावा है कि इसका लक्ष्य आंध्र प्रदेश के सभी गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है।

3D तकनीक से छह महीने में बनेंगे घर
बुर्रीपालेम और ओबुलनायडुपालेम में 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक से घर बनाने की पायलट परियोजना शुरू की जा रही है। सरकार के अनुसार इस तकनीक से घर बनाने में समय, लागत और श्रम की बचत हो सकती है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस तकनीक से बनाए जाने वाले घर करीब छह महीने में तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने इन मकानों को मजबूत और टिकाऊ बनाने का भी दावा किया।

अमरावती और पोलावरम का भी जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने आंध्र प्रदेश के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी के रूप में कानूनी आधार दिया है और इसके विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी गई है।

उन्होंने पोलावरम परियोजना का भी जिक्र किया और कहा कि इसे केंद्र सरकार की 100 फीसदी अनुदान सहायता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होने की बात कही।

किसानों को सालाना 20 हजार रुपये की मदद का दावा
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश सरकार की ‘अन्नदाता सुखी भव’ योजना के तहत 14 हजार रुपये जोड़े जाते हैं। इस तरह किसानों को सालाना 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को फल, फूल, सब्जी और औषधीय फसलों के उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

23 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
महिला स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि आंध्र प्रदेश में 23 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को 60 लाख तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि 15 अक्टूबर को पहली बार दिल्ली के बाहर राष्ट्रीय सरस मेला आंध्र प्रदेश में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगी।

तेलुगु में किया संबोधन
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने तेलुगु में भी लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश की भाषा और संस्कृति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि तेलुगु भाषा बहुत मधुर है और आंध्र प्रदेश ज्ञान, विज्ञान, प्रतिभा और समृद्ध परंपराओं की भूमि है। उन्होंने अपने संबोधन में खुद को मध्य प्रदेश का ‘मामा’ बताते हुए कहा कि वे आंध्र प्रदेश के भी ‘मामा’ हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा उनके लिए ईश्वर की पूजा के समान है।

नायडू ने शिवराज चौहान का जताया आभार
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गरीबों के पक्के घरों की मांग रखने पर केंद्र ने पहले से तय 75-76 हजार मकानों के बजाय 3 लाख मकानों की मंजूरी दी है। नायडू ने कहा कि एनडीए सरकार का लक्ष्य हर गरीब परिवार को पक्की छत देना है। उन्होंने कुल 9 लाख मकानों की जरूरत बताई और कहा कि पहले चरण का काम पूरा होने के बाद बाकी 6 लाख मकानों के लिए भी केंद्र से मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से आंध्र प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि, तकनीक और ग्रामीण विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य भी दोहराया।
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