भारत की चौथी सबसे बड़ी कॉफी निर्यातक कंपनी अल्लाना कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 2025-26 में कॉफी निर्यात घटने की आशंका जताई है। कंपनी का अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में निर्यात 22,000–25,000 टन के बीच रहेगा, जबकि पिछले वर्ष यह 26,300 टन था। कंपनी का कहना है कि वैश्विक बाजार में बीते डेढ़ साल से जारी उतार-चढ़ाव ने निर्यात योजनाओं और वृद्धि की रणनीतियों को प्रभावित किया है।
निर्यात आंकड़े और अनुमान
2024-25 में कॉफी निर्यात: 26,300 टन
2025-26 के लिए अनुमान: 22,000–25,000 टन
अब तक (अगस्त 2025 तक) निर्यात: लगभग 11,000 टन
कंपनी का रुख क्या है?
अल्लाना कॉफी डिविजन के एसोसिएट डायरेक्टर सी.पी. बोपन्ना ने बताया कि कंपनी अब राजस्व वृद्धि की बजाय लाभ मार्जिन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा, “बीते 40 वर्षों में इतना अस्थिर बाजार पहली बार देखने को मिला है। ऐसे माहौल में सालाना 5-10% वृद्धि की रणनीति बनाना कठिन हो गया है।”
निर्यात बाजार और चुनौतियां मध्य पूर्व: 60-70% हिस्सेदारी (सबसे बड़ा बाजार) अन्य गंतव्य: यूरोप, रूस, उत्तरी अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और दक्षिण-पूर्व एशिया अमेरिका: पहले से ही मामूली निर्यात, अब और घटेगा उच्च मालभाड़ा और टैरिफ की वजह से
अमेरिका के खरीदारों के लिए ब्राजील से खरीदना अधिक किफायती
कंपनी की प्रोसेसिंग क्षमता: 20,000 टन (हासन, मैंगलोर, चिकमंगलूर, कुशालनगर और कोच्चि में इकाइयां)। मौजूदा उत्पादन और निर्यात मात्रा के लिए पर्याप्त, नई क्षमता बढ़ाने की जरूरत नहीं।
भारत की 2025-26 की उत्पादन संभावनाएं: कॉफी बोर्ड के अनुसार 4.03 लाख टन का अनुमान, लेकिन अनियमित बारिश से थोड़ी गिरावट संभव
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