भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में 27 अक्तूबर की रात से मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। खासतौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार बने हुए हैं।
पहाड़ों से मैदानों तक बारिश का अनुमान
रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में भी मौसम करवट लेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 29 और 30 अक्टूबर को हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 30 और 31 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं। उत्तराखंड के मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 से 31 अक्टूबर के बीच राज्य में छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। इस दौरान 29 और 30 अक्टूबर को इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
IMD अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को कई जगहों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। इन दो दिनों में यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। इसके अलावा 31 अक्टूबर को भी इस क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर और कभी-कभी 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 से 31 अक्टूबर के बीच हल्की से छिटपुट बारिश और 30 से 40 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं देखने को मिलेंगी।
राजस्थान को लेकर जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान में 29 और 30 अक्टूबर को छिटपुट बारिश और 30 से 40 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 30 अक्टूबर को मौसम बदलेगा और यहां भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर दिखेगा।
ठंड की शुरुआती दस्तक
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंड का हल्का अहसास शुरू हो गया है। 25 अक्टूबर को दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंजाब के भटिंडा में 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना हुआ है। वहीं, राजस्थान और आसपास के कई इलाकों में भी न्यूनतम तापमान में सामान्य से थोड़ी अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।