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Home› Baat Pate Ki› Creating Nutrition Garden In Schools 7 Lakh Will Be Given Opportunity Till October 23

स्कूलों में उगेंगे फल, सब्जियां और औषधीय पौधे: पोषण वाटिका बनाने के लिए मिलेंगे ₹7 लाख, 23 अक्टूबर तक मौका

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 15 Oct 2026 03:59 PM IST
सार

  • पोषण वाटिका स्थापित करने और रखरखाव के लिए तीन साल में कुल 7 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
  • परियोजना की पूरी निर्धारित लागत के लिए आर्थिक मदद का प्रावधान है।
  • पोषण वाटिका में कम से कम 30 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाने होंगे।
  • निर्धारित क्षेत्र में फल, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती की जा सकती है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने और औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पोषण वाटिका स्थापित करने की पहल की गई है। आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB) ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में पोषण वाटिका बनाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत पात्र संस्थाओं को तीन साल में कुल 7 लाख रुपये की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाएगी।

फल, सब्जियों और औषधीय पौधों से तैयार होगी पोषण वाटिका
इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जानकारी देना है। इसके लिए पोषण वाटिका में फल, सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती की जाएगी। प्रत्येक वाटिका में कम से कम 30 अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाने होंगे। इसके लिए 100 वर्ग मीटर से लेकर 2 एकड़ तक क्षेत्र निर्धारित किया गया है।

तीन साल में मिलेगी 7 लाख रुपये की सहायता
राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की ओर से पोषण वाटिका स्थापित करने और उसके रखरखाव के लिए तीन साल तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके तहत राशि का ब्योरा इस प्रकार है-
  • पहला साल : वाटिका स्थापित करने के लिए 4.50 लाख रुपये।
  • दूसरा साल : रखरखाव के लिए 1.25 लाख रुपये।
  • तीसरा साल : रखरखाव के लिए 1.25 लाख रुपये।

इस तरह परियोजना के लिए कुल 7 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। यह सहायता 100 प्रतिशत होगी।

सिंचाई, प्रशिक्षण और रखरखाव की भी व्यवस्था
परियोजना के तहत पौधरोपण के साथ सिंचाई की सुविधा विकसित करनी होगी। इसके अलावा बच्चों और संबंधित लोगों को प्रशिक्षण देने, जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने तथा पौधों की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाने की व्यवस्था भी करनी होगी। पोषण वाटिका का नियमित रखरखाव करना भी जरूरी होगा।

कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के लिए सरकारी संस्थाएं, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और स्वैच्छिक संगठन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, संबंधित क्षेत्र में काम करने का अनुभव और विशेषज्ञता होना जरूरी है। आवेदन की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है। इच्छुक संस्थाएं योजना की विस्तृत जानकारी और आवेदन संबंधी दिशा-निर्देशों के लिए राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की ओर से साझा किए गए लिंक पर जा सकती हैं- https://lnkd.in/gN4xQgCN
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