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Backyard Poultry: घर पर कम निवेश में कमाई का आसान तरीका, अपनाएं बैकयार्ड मुर्गी पालन, ये नस्लें-सलाह आएगी काम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 12 Oct 2026 12:14 PM IST
सार

  • कम जमीन और निवेश में आमदनी के लिए अपनाएं बैकयार्ड पोल्ट्री का मॉडल
  • इस मॉडल के तहत घर की खाली जमीन में मुर्गियां पाली जाती हैं
  • गांव-कस्बों से शहरों तक यह मॉडल परिवारों के लिए आमदनी का माध्यम बना है

बैकयार्ड पोल्ट्री की मदद से कमाई का नया दरवाजा खोलें।
बैकयार्ड पोल्ट्री की मदद से कमाई का नया दरवाजा खोलें। - फोटो : AI
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विस्तार
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अगर कम जमीन और कम निवेश में आमदनी का नया दरवाजा खोलना चाहते हैं, तो आपके लिए बैकयार्ड पोल्ट्री का मॉडल एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इस मॉडल के तहत घर की किसी खाली जगह में मुर्गियां पाली जाती है। गांव-कस्बों से शहरों तक खासतौर से महिलाओं ने इस मॉडल का अपनाया है। ध्यान देने वाली बात यह मॉडल मुर्गियों की देसी नस्लों के लिए अधिक उपयुक्त बताया जाता है।

उत्तरा, सालाना 137 अंडे
उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर पाली जाने वाली उत्तर नस्ल सालाना 137 अंडे देती है। इस नस्ल की मादा का वजन 1.12 किलो होता है। 6.5 महीने की उम्र के आसपास यह नस्ल अंडा उत्पादन शुरू कर देती है। 

निकोबारी, साल में 148 अंडे
इस नस्ल के नाम से ही साफ है, इस नस्ल का मूल इलाका अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हैष यह नस्ल साल में 148 से ज्यादा अंडे देती है। इस नस्ल की मादा मुर्गी का वजन 1.3 किलो और नर का 1.8 किलो होता है। 7 महीने की उम्र में यह अपना पहला अंडा देती है।

कड़कनाथ नस्ल, साल में 80 अंडे
बीते सालों में पोलट्री बाजार में कड़कनाथ नस्ल का काफी प्रचार-प्रसार हुआ है। यह नस्ल साल में 80 अंडे देती है, लेकिन इसके अंडे का भाव काफी ज्यादा होता है। इसके नर की वजन 1.6 किलो और मादा का वजह 1.12 किलो होता है। 6 महीने की उम्र होने पर आप पहले अंडे की उम्मीद कर सकते हैं।

अंकलेश्वर, साल में 70-80 अंडे
गुजरात के भरूच और नर्मदा जिलों में पाली जाने वाली अंकलेश्वर नस्ल की मुर्गियां सालाना 70 से 80 अंडे तक देती हैं। यह 6 महीने की उम्र में अंडे देना शुरू करती है। इसमें नर मुर्गे का वजन 1.8 किलो और मादा का 1.6 किलो तक होता है।

कश्मीर फेवरोला 
बैकयार्ड पोल्ट्री के लिए कश्मीर फेवरोला नस्ल उपयुक्त बताई जाती है। यह नस्ल साल में 70 से 75 अंडे देनी की क्षमता रखती है। इसके अलावा  लगभग 7 महीने की उम्र से अंडा उत्पादन शुरू करती है। इसके अलावा आप पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पाले जाने वाली पंजाब ब्राउन नस्ल का चुनाव भी कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, यह साल में 70  अंडे देती है।

बाजार में देसी मुर्गियों की उन्नत नस्लें मौजूद
अब बाजार में देसी मुर्गियों की उन्नत नस्लें भी मौजूद है, जो  उत्पादकता के मामले में काफी आगे निकल गई हैं।  पहले की तुलना में ज्यादा अंडा उत्पादन देती है। उत्पादकता के अलावा जानकार बताते हैं कि उन्नत नस्लों में रोगों से लड़ने की बेहतर क्षमता  होती है, जिससे जीवित रहने की दर को मजबूती मिलती है।

हालांकि किसी भी नस्ल का चुनाव करने से पहले अपने इलाके के मौसम का ध्यान रखें। इसके अलावा अगल संभव है, तो घर के आंगन आदि में मुर्गी रखने के लिए एक ढांचे की व्यवस्था कर दें। इस तरह यह मॉडल और अधिर व्यवस्थित हो सकता है।
 


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