पराली जलाने के बजाय उससे कमाई का जरिया बनाया जा सकता है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना की वैज्ञानिक डॉ. अर्पणा बता रही हैं कि पराली से बिना केमिकल और प्लास्टिक के मैट कैसे तैयार की जा सकती है। बुनाई और गैर-बुनाई तकनीक से बनने वाली ये मैट सब्जियों और फलों की खेती में प्लास्टिक मल्चिंग का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन सकती हैं। एक मैट बनाने में 1–2 घंटे लगते हैं और इसकी कीमत ₹200 तक हो सकती है। जानिए, घर में मौजूद मिक्सी, साधारण लूम, सूत और पराली की मदद से यह काम कैसे शुरू किया जा सकता है और इसे छोटे व्यवसाय में बदलने के लिए PAU से ट्रेनिंग व जानकारी कैसे लें।
HIGHLIGHTS
खेत में पराली जलाने से बचें, इससे तैयार करें आमदनी वाले उत्पाद
बुनाई (Woven) और गैर-बुनाई (Non-woven) तकनीक से बन रहे प्रोडक्ट
घरेलू मिक्सी में पराली का पल्प बनाकर तैयार हो रहा 100% शुद्ध मैट
प्लास्टिक मल्चिंग का बेहतरीन और इको-फ्रेंडली विकल्प है पराली
पराली की मल्चिंग से सब्जियों व फलों की क्वालिटी और पैदावार में सुधार
सूत के धागे और साधारण 'अड्डे' (लूम) पर दरी की तरह होती है बुनाई
एक मैट बनाने में 1-2 घंटे का समय, ₹200 तक में बिकने की क्षमता