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Bihar: खेती की लागत घटाएं, बिगड़ती मिट्टी की सेहत बचाएं, वर्मी कंपोस्ट पिट बनाने पर किसानों को मिलेगी सब्सिडी

गांव जंक्शन डेस्क, पटना Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 19 Oct 2026 02:04 PM IST
सार

  • रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत बिगड़ रही, लंबे समय में उपजाऊ क्षमता तक कम हो सकती है
  • चुनौती से निपटने के लिए बिहार के बांका जिले में 1,200 वर्मी कंपोस्ट पिट बनाने का लक्ष्य तय किया गया है
  • इस पहल के तहत वर्मी कंपोस्ट पिट के निर्माण पर सरकार किसानों को सब्सिडी देगी
  • रासायनिक खाद पर खर्च घटाने और मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर

बिहार के बांका जिले में वर्मी कंपोस्ट पिट के निर्माण पर सरकार सब्सिडी देगी।
बिहार के बांका जिले में वर्मी कंपोस्ट पिट के निर्माण पर सरकार सब्सिडी देगी। - फोटो : AI
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विस्तार
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रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से खेतों की मिट्टी की सेहत बिगड़ रही है। लंबे समय में यह चलन फसल उत्पादकता को घटाने का काम कर सकता है। इसी समस्या से निपटने के लिए बांका जिले में कृषि विभाग किसानों को खुद जैविक खाद बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस पहल के तहत चालू वित्तीय वर्ष में पूरे जिले में 1200 वर्मी कंपोस्ट पिट बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। खास बात यह है कि वर्मी कंपोस्ट पिट के निर्माण के लिए सरकार किसानों को सब्सिडी दे रही है।

21 दिन में बनकर तैयार होती है खाद
आमतोर पर देखा जाता है कि रासायनिक खाद के असंतुलित उपयोग से मिट्टी में जरूरी तत्व की मौजूदगी भी असंतुलित हो जाती है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संजय कुमार बताते हैं कि जैविक खाद मिट्टी की सेहत का ध्यान रखते हुए उसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की मौजूदगी को तेजी से बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि किसान ईंटों से एक छोटा टब बनाकर उसमें गोबर, सड़े-गले पत्ते, कचरा और केंचुए डालकर आसानी से खाद बना सकते हैं। यह जैविक खाद लगभग 3 हफ्ते  में बनकर तैयार हो जाती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जिला कृषि पदाधिकारी त्रिपुरारी शर्मा के अनुसार, सरकार राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए यह योजना चला रही है। जिले के हर प्रखंड में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि घर पर खाद बनने से किसानों का बाजार की महंगी रासायनिक खादों पर खर्च बचेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।


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