पंजाब के लुधियाना जिले के करौंदिया गांव के रहने वाले जसवीर सिंह ने मछली पालन की दुनिया में एक बेहतरीन मिसाल कायम की है। जिस 3 एकड़ के तालाब को दूसरे किसान ने घाटे के कारण छोड़ दिया था, जसवीर जी ने वहीं से शुरुआत की और आज 31 एकड़ में सफलता से मत्स्य पालन कर रहे हैं। वर्ष 2001 में ऑक्सीजन की कमी से सारी मछलियां मरने का भारी नुकसान झेलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और वैज्ञानिक तरीके से काम किया। आज वे अपने तालाब में रोहू, कतला, म्रिगल और ग्रास कार्प जैसी किस्मों से प्रति एकड़ 22 से 30 क्विंटल तक का शानदार उत्पादन ले रहे हैं और बाजार में 150 रुपये प्रति किलो तक का भाव प्राप्त कर रहे हैं। इस सफलता का सबसे बड़ा राज घरेलू फीड मैनेजमेंट है, जिसमें वे महंगे दाने के बजाय डीओसी, सरसों की खल और सोया का इस्तेमाल करके लागत में 40% तक की भारी बचत करते हैं। खुद फिंगरलिंग तैयार करने से लेकर थोक व्यापार और 200 अन्य किसानों को ट्रेनिंग देने तक का उनका यह सफर हर उस इंसान के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो खेती और मछली पालन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाना चाहता है।