झांसी की रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए ऑर्गेनिक टेस्टिंग लैब शुरू की गई है। यहां फसल में पेस्टिसाइड्स, लेड-आर्सेनिक जैसे हैवी मेटल्स और माइक्रोबियल संक्रमण की जांच होगी। किसानों को 7–10 दिन में रिपोर्ट मिलेगी, जिससे फसल की गुणवत्ता पर भरोसा बढ़ेगा और निर्यात में रिजेक्शन से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। जानिए जांच का खर्च, सैंपल देने का तरीका और पूरी प्रक्रिया।
HIGHLIGHTS
झांसी में किसानों के लिए ऑर्गेनिक टेस्टिंग लैब शुरू
फसल में पेस्टिसाइड की सूक्ष्म मात्रा की होगी जांच
लेड-आर्सेनिक और माइक्रोबियल संक्रमण की भी होगी जांच
ऑर्गेनिक फसल की गुणवत्ता रिपोर्ट से बढ़ेगा बाजार भरोसा
निर्यात में फसल रिजेक्शन और लॉजिस्टिक नुकसान से राहत
7 से 10 दिन में मिलेगी फसल की टेस्ट रिपोर्ट