उत्तर प्रदेश के आगरा (मंगरोल गूजर) के किसान सुरेंद्र सिंह तोमर ने साबित कर दिया है कि जैविक खेती (Organic Farming) घाटे का नहीं, बल्कि मुनाफे का शानदार सौदा है। उन्होंने 7 एकड़ में जैविक खेती, डेयरी और बकरी पालन का एक ऐसा बेहतरीन इंटीग्रेटेड मॉडल तैयार किया है, जिससे वे अपना गेहूं ₹5000 और बाजरा ₹4000 प्रति क्विंटल के भाव पर सीधे ग्राहकों को बेच रहे हैं। उनके फार्म पर सोलर पैनल (PM Kusum Yojana) से बिजली का खर्च शून्य है और पशुओं के अपशिष्ट से ही मुफ्त जैविक खाद तैयार होती है। शुरुआत में पैदावार घटी, लेकिन आज उनका गेहूं उत्पादन 22 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच गया है, जो रासायनिक खेती से भी ज्यादा है।