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महाराष्ट्र के 70 लाख किसानों को राहत : अब मोबाइल एप में दिक्कत पर ऑफलाइन दर्ज करा सकेंगे फसल

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 07 Nov 2026 01:12 PM IST
सार

महाराष्ट्र के 70 लाख किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे एप की तकनीकी गड़बड़ियों से राहत मिलेगी। अब ऑनलाइन फसल पंजीकरण नहीं होने पर ई-फेरफार के जरिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र के करीब 70 लाख किसानों को फसल पंजीकरण में आ रही तकनीकी दिक्कतों से राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार के डिजिटल क्रॉप सर्वे मोबाइल एप से फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे किसान अब ऑफलाइन भी अपनी फसल का ब्योरा दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने ई-फेरफार (e-Ferfar) व्यवस्था के जरिए फसल पंजीकरण की अनुमति दे दी है।

एक अधिकारी के मुताबिक, राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश पर राजस्व विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में सरकारी आदेश (GR) जारी किया। इसके तहत चालू खरीफ सीजन में जिन इलाकों में ऑनलाइन फसल पंजीकरण नहीं हो पा रहा है, वहां तलाठी स्तर के अधिकारी खेतों का निरीक्षण कर फसल का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे।

2021 से चल रही है ई-फसल निरीक्षण व्यवस्था
महाराष्ट्र सरकार ने 15 अगस्त 2021 को ई-फसल निरीक्षण व्यवस्था शुरू की थी। इसका मकसद किसानों को मोबाइल फोन के जरिए अपनी फसलों का पंजीकरण करने की सुविधा देना और इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।

इसके बाद 1 दिसंबर 2024 से सरकार ने इस एप में तकनीकी बदलाव किए, ताकि एग्रीस्टैक (AgriStack) प्लेटफॉर्म के जरिए फसलों का पंजीकरण किया जा सके। हालांकि, चालू खरीफ सीजन में डिजिटल क्रॉप सर्वे एप में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई किसान अपनी फसलों का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं।

एप में आ रहीं ये चार बड़ी समस्याएं
सरकार के आदेश में फसल पंजीकरण में आ रही चार प्रमुख तकनीकी समस्याओं का जिक्र किया गया है।
  1. खेत की गलत दूरी दिखना : किसान खेत में मौजूद होता है, फिर भी एप खेत और उसकी सीमा के बीच 20 मीटर से ज्यादा की दूरी दिखाता है।
  2. नक्शे में गड़बड़ी : एप में खेतों के नक्शे आपस में बदले हुए दिखाई दे रहे हैं।
  3. गांव का नक्शा गायब : कुछ मामलों में पूरे गांव का नक्शा ही एप पर उपलब्ध नहीं है।
  4. किसानों का रिकॉर्ड नहीं दिखना : एप में कई किसानों के नाम और जमीन के खाते की जानकारी उपलब्ध नहीं हो रही है।

ऑनलाइन पंजीकरण नहीं हुआ तो ई-फेरफार से मिलेगी सुविधा
राज्य सरकार के मुताबिक, जिन जगहों पर तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने की कोशिश के बावजूद ऑनलाइन फसल पंजीकरण संभव नहीं हो पा रहा है, वहां ई-फेरफार व्यवस्था के तहत ऑफलाइन पंजीकरण कराया जा सकेगा।

इसके लिए तलाठी स्तर के अधिकारी खेतों का निरीक्षण करेंगे और फसल का विवरण दर्ज करेंगे। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी, जो एप की तकनीकी समस्याओं के कारण अपनी फसल का पंजीकरण नहीं करा पा रहे थे।
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