बरेली के तीरथ राम ने 2017 में 2 भैंसों से डेयरी शुरू की थी। आज उनके पास 20 देसी गाय और 30 बछड़े हैं। गीर, साहीवाल और थारपारकर जैसी नस्लों के पालन के साथ वे दूध से दही, मक्खन और घी तैयार कर बेहतर कमाई कर रहे हैं। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत उन्हें ₹31 लाख का सरकारी अनुदान मिला, जिससे डेयरी में सोलर पैनल समेत कई जरूरी उपकरण लगाए गए। अब रोजाना करीब 1 क्विंटल दूध का उत्पादन होता है और सोलर से बिजली-डीजल का खर्च भी शून्य हो गया है। जानिए देसी गाय पालन, घी की बिक्री, सरकारी योजना और डेयरी प्रबंधन से जुड़ी तीरथ राम की पूरी कहानी।
HIGHLIGHTS
2017 में 2 भैंसों से शुरुआत, आज 20 देसी गाय और 30 बछड़े मौजूद
गीर, साहीवाल और थारपारकर जैसी देसी नस्लों का कर रहे पालन
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत सरकार से मिला ₹31 लाख का अनुदान
डेयरी में लगा सोलर पैनल, बिजली और डीजल का खर्च हुआ जीरो
रोजाना 1 क्विंटल दूध का उत्पादन, ₹3000 किलो बिकता है घी
गोबर गैस से बन रहा घी, हर महीने बच रहे एलपीजी के ₹6000
देसी गायों के लिए हवादार बाड़ा और समय पर डी-वॉर्मिंग सबसे जरूरी