धान की पराली, गेहूं का भूसा और सरसों के डंठल अब सिर्फ कृषि अवशेष नहीं, बल्कि कमाई का नया जरिया बन रहे हैं। बिहार में बायो-कोल, उत्तर प्रदेश में पराली से CBG उत्पादन के लिए सप्लाई चेन और बेंगलुरु में कृषि अवशेषों से बायो-लेदर तैयार करने जैसे मॉडल इस बदलाव की तस्वीर दिखाते हैं। इस वीडियो में जानिए, ये कारोबार कैसे काम करते हैं, किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के क्या अवसर हैं और कृषि अवशेषों को उद्योगों तक पहुंचाकर अतिरिक्त आमदनी कैसे हासिल की जा सकती है। साथ ही समझिए, पराली जलाने के बजाय उसका सही इस्तेमाल करने के लिए किन व्यवस्थाओं की जरूरत है।
HIGHLIGHTS
1. पराली और कृषि अवशेषों से कमाई के नए रास्ते
2. पराली से बायोफ्यूल, बायोगैस और बायो-लेदर
3. खेतों के कचरे से तैयार हो रहे नए प्रोडक्ट
4. पराली जलाने के बजाय कमाई का विकल्प
5. कृषि अवशेष बने उद्योगों के लिए कच्चा माल
6. पराली से किसानों की कमाई, रोजगार के नए अवसर