Home›Urja›
Rooftop Solar Cuts Household Power Bills By 71 Says Ceew Survey
पीएम सूर्य घर योजना से रूफटॉप सोलर को रफ्तार: घरेलू बिजली बिल में औसतन 71% गिरावट, CEEW रिपोर्ट में खुलासा
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:28 PM IST
सार
काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) के सर्वे के अनुसार, रूफटॉप सोलर अपनाने वाले भारतीय परिवारों के बिजली बिल में औसतन 71 प्रतिशत की कमी आई है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के बाद आवासीय सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। दूसरी ओर, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 2030-31 तक कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के संचालन नियमों के कारण देश में नवीकरणीय ऊर्जा कटौती (कर्टेलमेंट) की चुनौती बढ़ सकती है।
भारत में रूफटॉप सोलर (आरटीएस) सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और इससे घरेलू बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आ रही है।
- फोटो : गांव जंक्शन
काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) के एक अखिल भारतीय सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। अध्ययन के अनुसार, रूफटॉप सोलर अपनाने वाले परिवारों के मासिक बिजली बिल में औसतन 71 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, सोलर सिस्टम लगाने के इच्छुक 81 प्रतिशत परिवारों ने बिजली बिल कम होना इसका प्रमुख कारण बताया।
पीएम सूर्य घर योजना से बढ़ा सौर ऊर्जा का विस्तार
सीईईडब्ल्यू की रिपोर्ट प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीवाई) के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर जारी की गई। अध्ययन में 22 राज्यों के 308 जिलों के 17,000 से अधिक परिवारों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में आवासीय रूफटॉप सोलर क्षेत्र की वृद्धि दर 2017 से 2023 के बीच 45 प्रतिशत वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) थी, जो 2024 से 2026 के दौरान बढ़कर 85 प्रतिशत हो गई है।
2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा कटौती की आशंका
इधर, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी एक अन्य रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2030-31 तक देश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में कटौती की नौबत आ सकती है, भले ही ट्रांसमिशन नेटवर्क पर कोई बाधा न हो। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को न्यूनतम 55 प्रतिशत क्षमता पर संचालित किया जाता है, तो बिजली उत्पादन में 68 से 115 गीगावाट तक अधिशेष पैदा हो सकता है। इससे सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन को सीमित करना पड़ सकता है।
चीन में सोलर पैनलों की अधिकता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सौर ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास हर वर्ष लगभग 1,000 गीगावाट सोलर पैनल उत्पादन की क्षमता है, लेकिन मांग और कीमतों में गिरावट के कारण कई कारखाने पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का सामना कर रही है, जबकि सस्ते सोलर पैनलों की उपलब्धता स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज कर सकती है।
बैटरी कारोबार की ओर बढ़ रहीं चीनी कंपनियां
सोलर पैनलों की बिक्री में सुस्ती आने के बाद चीन की प्रमुख सौर कंपनियां अब ऊर्जा भंडारण (बैटरी) क्षेत्र पर दांव लगा रही हैं। बढ़ते डेटा सेंटर और ऊर्जा भंडारण की मांग को देखते हुए कंपनियां बैटरी निर्यात बढ़ाने की रणनीति अपना रही हैं। इस बीच, चीन के सबसे बड़े एकल सौर ऊर्जा केंद्र से जुड़े ऊर्जा भंडारण परियोजना का संचालन भी शुरू हो गया है। इससे प्रतिवर्ष 450 गीगावाट-घंटे से अधिक सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।