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ग्रीन एनर्जी का नया हब बनेगा मध्य प्रदेश : ओंकारेश्वर में 600 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर संयंत्र लगाएगी मोहन सरकार

गांव जंक्शन डेस्क, भोपाल Published by: Umashankar Mishra Updated Sat, 05 Sep 2026 07:13 PM IST
सार

  • सौर और पवन ऊर्जा की ताकत से बदलेगा मध्य प्रदेश का परिदृश्य, ADB के साथ डॉ. मोहन यादव की सरकार ने की बड़ी साझेदारी। 
  • ओंकारेश्वर से ग्रीन पावर को रफ्तार, 600 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर की राह खुली
  • सिर्फ बिजली नहीं, हरित निवेश और रोजगार का केंद्र बनेगा मध्य प्रदेश। 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : ai
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विस्तार
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मध्य प्रदेश अब अपनी पहचान सिर्फ हरियाली के लिए नहीं, बल्कि ग्रीन और क्लीन एनर्जी के बड़े केंद्र के रूप में भी बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। सौर और पवन ऊर्जा की संभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार बड़े स्तर पर नई परियोजनाओं और ऊर्जा भंडारण की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के बीच समझौता हुआ। इसके तहत प्रदेश की तीन नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को तकनीकी और वित्तीय सहयोग मिलेगा।

ओंकारेश्वर में 600 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर की तैयारी
समझौते का प्रमुख हिस्सा ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। इसके तहत 278 मेगावाट के ओंकारेश्वर फेज के लिए समझौता किया गया है। इसके अलावा करीब 300 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता के लिए जलाशय क्षेत्र और जरूरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध बताया गया है।

इस तरह ओंकारेश्वर में करीब 600 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की दिशा में तैयारी है। इस तकनीक में जमीन के बजाय जलाशय की सतह पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जिससे उपलब्ध जल क्षेत्र का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकता है।

सौर ऊर्जा के साथ स्टोरेज पर जोर
सरकार की योजना सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सौर ऊर्जा की सबसे बड़ी चुनौती—उत्पादन और मांग के बीच समय का अंतर—को देखते हुए एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर भी जोर दिया जा रहा है। स्टोरेज क्षमता बढ़ने से दिन में पैदा हुई सौर बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करना आसान होगा। इससे ग्रिड पर दबाव घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

लक्ष्य 24×7 भरोसेमंद ग्रीन पावर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लक्ष्य केवल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि सस्ती, टिकाऊ और 24×7 उपलब्ध बिजली व्यवस्था तैयार करना है। इसके लिए सौर और पवन ऊर्जा के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क तथा ऊर्जा भंडारण क्षमता को भी मजबूत किया जाएगा।

ADB की तकनीकी सलाह से निवेश को बढ़ावा
समझौते के तहत ADB, RUMSL को तीन नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बिना शुल्क ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सेवाएं देगा। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की बेहतर वित्तीय और कारोबारी संरचना तैयार करना और लंबे समय के निवेश को आकर्षित करना है। यह सहयोग मध्य प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में निजी निवेश, नई तकनीक और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता खोल सकता है।

ग्रीन एनर्जी से रोजगार की नई संभावनाएं
राज्य सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को केवल बिजली उत्पादन का जरिया नहीं, बल्कि ग्रीन निवेश, उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर के रूप में देख रही है। सौर और पवन ऊर्जा से जुड़े नए उद्योगों के साथ स्टोरेज, ट्रांसमिशन और ऊर्जा सेवाओं का बाजार भी विकसित हो सकता है।

मध्य प्रदेश के लिए अगली चुनौती अब सिर्फ ज्यादा स्वच्छ ऊर्जा पैदा करना नहीं, बल्कि उसे कम लागत में स्टोर कर जरूरत के समय उपलब्ध कराना होगी। यदि उत्पादन, स्टोरेज और ट्रांसमिशन तीनों का विस्तार साथ-साथ होता है, तो प्रदेश देश के उभरते ग्रीन एनर्जी केंद्रों में अपनी जगह और मजबूत कर सकता है।
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